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Question
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
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प्रभात का समय था, आसमान से बरसती हुई प्रकाश की किरणें संसार पर नवीन जीवन की वर्षा कर रही थीं। बारह घंटों के लगातार संग्राम के बाद प्रकाश ने अँधेरे पर विजय पाई थी। इस खुशी में फूल झूम रहे थे, पक्षी मीठे गीत गा रहे थे, पेड़ों की शाखाएँ खेलती थीं और पत्ते तालियाँ बजाते थे। चारों तरफ खुशियाँ झूमती थीं। चारों तरफ गीत गूंजते थे। इतने में साधुओं की एक मंडली शहर के अंदर दाखिल हुई। उनका खयाल था – मन बड़ा चंचल है। अगर इसे काम न हो, तो इधर-उधर भटकने लगता है और अपने स्वामी को विनाश की खाई में गिराकर नष्ट कर डालता है। इसे भक्ति की जंजीरों से जकड़ देना चाहिए। साधु गाते थे - सुमर - सुमर भगवान को, जब संसार को त्याग चुके थे, उन्हें सुर-ताल की क्या परवाह थी। कोई ऊँचे स्वर में गाता था, कोई मुँह में गुनगुनाता था और लोग क्या कहते हैं, इन्हें इसकी जरा भी चिंता न थी। ये अपने राग में मगन थे कि सिपाहियों ने आकर घेर लिया और हथकड़ियाँ लगाकर अकबर बादशाह के दरबार को ले चले। |
(१) संजाल पूर्ण कीजिए: (२)

(२) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए हुए समानार्थी शब्द ढूँढ़कर लिखिए। (२)
- सुबह -
- गगन -
- बारिश -
- आनंद -
(३) ‘संगीत जीवन को आनंदमय बनाता है’ इस कथन पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)
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Solution
(१)

(२)
- सुबह - प्रभात
- गगन - आसमान
- बारिश - वर्षा
- आनंद - खुशी
(३) हमारे जीवन में संगीत का बहुत महत्त्व है। बच्चे के जन्म की खुशियाँ संगीत, गायन और नृत्य से मनाई जाती हैं। शादी-ब्याह में तो संगीत का प्रमुख योगदान होता है। इतना ही नहीं, किसी भी खुशी के मौके पर संगीत की व्यवस्था सबसे पहले की जाती है। संगीत ऐसी कला है, जो श्रोताओं को अपनी स्वर लहरियों से आह्लादित कर देती है। संगीत सुनने से मन प्रसन्न होता है और मानसिक शांति मिलती है। मधुर संगीत से श्रोता का तन-मन थिरकने लगता है। लोग मस्ती में डूब जाते हैं। संगीत में जादू-सा प्रभाव होता है। संगीत से केवल मनुष्य ही नहीं, पेड़-पौधे और पशु तक प्रभावित होते हैं। शायद ही कोई प्राणी होगा, जो संगीत की मधुर ध्वनि से प्रभावित न हो।
