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निम्नलिखित अभिक्रिया क्यों होती है? XeOX64−(aq)+2FX−(aq)+6HX+(aq)⟶XeOX3(g)+FX2(g)+3HX2O(l) यौगिक Na4XeO6 (जिसका एक भाग XeOX64− है) के बारे में आप इस अभिक्रिया में क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?

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Question

निम्नलिखित अभिक्रिया क्यों होती है?

\[\ce{XeO^{4-}_6(aq) + 2F^-(aq) + 6H^+(aq) -> XeO3(g) + F2(g) + 3H2O(l)}\]

यौगिक Na4XeO6 (जिसका एक भाग \[\ce{XeO^{4-}_6}\] है) के बारे में आप इस अभिक्रिया में क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?

Answer in Brief
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Solution

\[\ce{Xe\overset{+8}{O}^4-_4(aq) + 2\overset{-1}{F^-}(aq) + 6H^+(aq) -> Xe\overset{+6}{O3}(s) + \overset{0}{F}_2(g) + 3H2O(l)}\]

इस अभिक्रिया में XeO6 को XeO3 में अपचयन तथा F का F2 में ऑक्सीकरण हो रहा है। यह अभिक्रिया इसलिए संपन्न होती है क्योंकि XeO6, F2 से अधिक प्रबल ऑक्सीकारक है। चूँकि \[\ce{XeO^{4-}_6}\], F2 की तुलना में अधिक प्रबल ऑक्सीकारक है, अत: Na4XeO6 एक प्रबल ऑक्सीकारक होगा।

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अपचयोपचय अभिक्रियाएँ
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Chapter 7: अपचयोपचय अभिक्रियाएँ - अभ्यास [Page 279]

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NCERT Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11
Chapter 7 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ
अभ्यास | Q 8.16 | Page 279
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