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Question
इस अभिक्रिया को देखिए-
\[\ce{O3(g) + H2O2(l) -> H2O(l) + 2O2(g)}\]
बताइए कि इसे निम्नलिखित ढंग से लिखना ज्यादा उचित क्यों है?
\[\ce{O3(g) + H2O2(l) -> H2O(l) + O2(g) + O2(g)}\]
उपर्युक्त अपचयोपचय अभिक्रिया के अन्वेषण की विधि सुझाइए।
Answer in Brief
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Solution
दी गई अभिक्रिया का वास्तविक प्रारूप निम्न प्रकार है-
\[\ce{O3(g) -> O2(g) + O(g)}\] ............(i)
\[\underline{\ce{H2O2(l) + O(g) -> H2O(l) + O2(g)}}\] ...........(ii)
\[\ce{O3(g) + H2O2(l) -> H2O(l) + O2(g) + O2(g)}\] ............(iii)
समीकरण (iii) प्रदर्शित करती है कि O2 का एक अणु O3 से प्राप्त होता है, जबकि दूसरा H2O2 से प्राप्त होता है। इसलिए, समीकरण को प्रदर्शित करने की यह विधि अधिक उपयुक्त है।
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अपचयोपचय अभिक्रियाएँ
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