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Question
नीचे दिए गए प्रश्न के उत्तर अपने अनुभवों के आधार पर दीजिए-
“कभी-कभार गाँव में थोड़ी देर के लिए भी न्यौते-बुलावे में जातीं, तो दस बार खिड़की-दरवाजों की साँकलें टोहकर देखतीं…” ताई की तरह जब आप अपने घर या परिवार से दूर होते हैं, तो किसी वस्तु या व्यक्ति की चिंता आपको भीतर से कैसे परेशान करती है?
Short Answer
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Solution
जब मैं घर या परिवार से दूर होता/होती हूँ, तो अपने माता-पिता और घर की सुरक्षा की चिंता बार-बार मन में आती है। मैं सोचता/सोचती रहता/रहती हूँ कि वे ठीक होंगे या नहीं और घर के काम ठीक से हो रहे होंगे या नहीं। उनसे बात करने या उनका संदेश मिलने पर ही मन को शांति मिलती है।
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