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नाइट्रिक अम्ल निर्माण की ओस्टवाल्ड विधि के प्रथम पद में अमोनिया गैस के ऑक्सीजन गैस द्वारा ऑक्सीकरण से नाइट्रिक ऑक्साइड गैस तथा जलवाष्प बनती है।

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Question

नाइट्रिक अम्ल निर्माण की ओस्टवाल्ड विधि के प्रथम पद में अमोनिया गैस के ऑक्सीजन गैस द्वारा ऑक्सीकरण से नाइट्रिक ऑक्साइड गैस तथा जलवाष्प बनती है। 10.0 ग्राम अमोनिया तथा 20.00 ग्राम ऑक्सीजन द्वारा नाइट्रिक ऑक्साइड की कितनी अधिकतम मात्रा प्राप्त हो सकती है?

Numerical
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Solution

प्रक्रम की रासायनिक समीकरण निम्न है-

\[\ce{\underset{17×4=68g}{4NH3(g)} + \underset{32×5=160g}{5O2(g)} -> \underset{30×4=120g}{4NO(g)} + 6H2O(g)}\]

समीकरण के अनुसार 68 ग्राम NH3 के ऑक्सीकरण के लिए 160 ग्राम O2 की आवश्यकता होती है।

∴ 10 ग्राम NH3 के ऑक्सीकरण के लिए होगी `160/68 xx 10` = 23.53 g O2 की आवश्यकता प्रक्रम में केवल 20 g O2 का प्रयोग किया गया है। अत: O2 सीमांत अभिकर्मक है।

∵ 160 g O2 से प्राप्त होती है, NO = 120 g

∴ 20 g O2 से प्राप्त होगी, NO = `120/160 xx 20` = 15.00

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ऑक्सीकरण-संख्या - अपचयोपचय अभिक्रियाओं पर आधारित अनुमापन
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Chapter 7: अपचयोपचय अभिक्रियाएँ - अभ्यास [Page 279]

APPEARS IN

NCERT Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11
Chapter 7 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ
अभ्यास | Q 8.25 | Page 279
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