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Question
‘मेरा यात्रानुभव’ पर आपके विचार लिखिए।
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Solution
यात्रा के अपने ही आनंद और स्मृतियाँ होती हैं, जिनमें से कुछ विशेष रूप से याद रह जाती हैं। पिछले गर्मियों में, मैंने अपने परिवार के साथ नैनीताल की सैर की। यात्रा के दौरान, घाटियों के मनोरम दृश्य ने चारों ओर से हमें घेर लिया। कहीं इनकी खूबसूरती अप्रतिम थी, तो कहीं इनकी गहराई हमें चौंका देती थी। पर्वतों पर मौजूद पेड़ अद्भुत लग रहे थे। नैनीताल की सड़कें पूरी तरह से साफ-सुथरी थीं। नैनीताल अपने नामांकित ताल के कारण प्रसिद्ध है, जो आज भी वहाँ मौजूद है और इसी ताल के पास नयना देवी का पवित्र मंदिर स्थित है। नैनीताल में अन्य कई आकर्षण हैं जो बेहद लुभावने हैं। हमने तीन दिनों तक खूब घूमा और फिर घर वापसी के लिए ट्रेन पकड़ी। यह यात्रा मेरे लिए अत्यंत सुखद और स्मरणीय रही। नैनीताल की अद्वितीय प्राकृतिक छटा ने मेरे हृदय को छू लिया। मुझे मौका मिला तो मैं फिर से ऐसी ही एक सुंदर यात्रा पर जाना चाहूँगी।
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ऊँट की सवारी करने के बाद लेखिका की स्थिति -
उत्तर लिखिए:
ऊँट की सवारी का अनुभव रोमांचकारी और मनोरंजक था, यह दर्शाने वाला वाक्य -
जोड़ियाँ मिलाइए:
| अ | आ |
| (क) रेगिस्तान का जहाज | सूर्यास्त |
| (ख) मखमली गद्दे | ऊँट |
| (ग) रंग-बिरंगी पोशाक | होटल |
| (घ) पर्यटकों की मंजिल | रेत |
| पर्यटक |
परिच्छेद (वीरभूमि पर कुछ दिन) में प्रयुक्त विलाेम शब्द की जोड़ी लिखिए।
संजाल:

संजाल पूर्ण कीजिए:

दिए गए शब्दों के वर्णों का उपयोग करके चार-पाँच अर्थपूर्ण शब्द तैयार कीजिए:

उत्तर लिखिए:
स्वयं पढ़ा हुआ यात्रा वर्णन:
केवल एक शब्द में उत्तर लिखिए:
महाराणा प्रताप के घोड़े का नाम।
मैं पाठशाला जा रहा था। रास्ते में एक युवक अपनी मोटरसाइकिल आड़ी-टेढ़ी चलाते, अपनी कलाबाजियाँ दिखाते हुए तथा जोर-जोर से हॉर्न बजाकर लोगों को परेशान कर रहा था। उसे देखकर मेरे मन में विचार आए .
"वीरभूमि पर कुछ दिन" पाठ का रचना बोध लिखिए।
स्वयं पढ़ा हुआ यात्रा वर्णन:-
(च) ...................
(छ) ...................
