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मैंने समझा मेरे देश के लाल पाठ से - Hindi [हिंदी]

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Question

मैंने समझा मेरे देश के लाल पाठ से 

Short Answer
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Solution

कवि बैरागी की कविता "मेरे देश के लाल" में भारत की महानता, वीरता और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का वर्णन किया गया है। कवि ने बताया है कि यह वह देश है जहाँ पराधीनता को अभिशाप माना जाता है और देश की मिट्टी के कण-कण की रक्षा के लिए अनगिनत बलिदान दिए गए हैं। यहाँ के वीर मरना तो स्वीकार करते हैं, लेकिन कभी झुकना नहीं जानते। कविता में भारत की प्राकृतिक संपदा, जैसे दूध-दही की नदियाँ, हीरे-पन्ने से भरी धरती, और हिमालय की ऊँचाई का उल्लेख करते हुए देश की समृद्धि को दर्शाया गया है। साथ ही, कवि ने यह भी बताया है कि इस देश में मातृभूमि के लिए मर-मिटने की शिक्षा दी जाती है और यहाँ के लोग अपने सम्मान की खातिर सिर कटाना जानते हैं, लेकिन झुकाना नहीं। कुल मिलाकर, कविता में भारत की वीरता, समृद्धि और सांस्कृतिक मूल्यों का गौरवपूर्ण चित्रण किया गया है।
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Chapter 13.1: मेरे देश के लाल - अंतःपाठ प्रश्न [Page 24]

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Balbharati Hindi Ekatmik [Hindi] Standard 7 Maharashtra State Board
Chapter 13.1 मेरे देश के लाल
अंतःपाठ प्रश्न | Q ६. | Page 24
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