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मान लीजिए कि फूल और काँटे के बीच बातचीत हो रही है। उनकी बातचीत या संवाद अपनी कल्पना से लिखिए। संवाद का विषय निम्नलिखित हो सकता है– उनके गुणों और विशेषताओं पर चर्चा

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Question

मान लीजिए कि फूल और काँटे के बीच बातचीत हो रही है। उनकी बातचीत या संवाद अपनी कल्पना से लिखिए।

संवाद का विषय निम्नलिखित हो सकता है–

  • उनके गुणों और विशेषताओं पर चर्चा।
  • यह समझाना कि उनका जीवन में क्या योगदान है।

उदाहरण

  • फूल – मैं दूसरों के जीवन में सुगंध और सुख फैलाने आया हूँ।
  • काँटा – और मैं संघर्ष की याद दिलाने और सुरक्षा देने के लिए हूँ।
Writing Skills
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Solution

फूल नमस्ते काँटा भाई! हम दोनों एक ही पौधे पर जन्म लेते हैं। एक-सी चाँदनी हम पर डालती है, एक-सी बारिश हम पर बरसती है और एक-सी हवाएँ हमें छूकर जाती हैं। फिर भी लोग हमें अलग-अलग नज़र से देखते हैं।
काँटा सच कहा, फूल भाई! लोग तुम्हें सिर पर सजाते हैं, पर मुझे छूते ही दर्द पाते हैं।
फूल मेरा स्वभाव कोमलता और दया है। मैं अपनी सुगंध और निराले रंगों से सबका मन मोह लेता हूँ। मैं तितलियों को गोद में लेता हूँ और भौंरे को अपना मीठा रस पिलाता हूँ। मेरा योगदान है  जीवन में सुख, सुंदरता और प्रेम बाँटना।
काँटा और मेरा स्वभाव कठोरता है। मैं इस पौधे का सुरक्षा कवच बनकर खड़ा रहता हूँ। मेरी चुभन के डर से ही कोई इसके पत्ते और फूल तोड़ने का साहस नहीं कर पाता।
फूल आप सही कहते हैं। तुम मुझे और हमारे पौधे को सुरक्षा देते हो।
काँटा मैं लोगों को यह भी याद दिलाता हूँ कि जीवन में सुख के साथ कुछ संघर्ष और सावधानी भी ज़रूरी हैं।
फूल बिल्कुल! तुम्हारे बिना मैं अधूरा हूँ और मेरे बिना तुम। चलो, हम दोनों मिलकर इस पौधे की शोभा बढ़ाएँ।
काँटा ठीक है! तुम सुंदरता और मिठास बाँटो, मैं सुरक्षा दूँ यही हमारे जीवन का संदेश है।
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Chapter 3: फूल और काँटा - पाठ से आगे [Page 37]

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NCERT Hindi Malhar Class 7
Chapter 3 फूल और काँटा
पाठ से आगे | Q (ख) | Page 37
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