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Question
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माँ है वह! इसी से हम बने हैं, |
- प्रस्तुत पंक्तियों के कवि और कविता का नाम लिखिए। [1]
- द्वीप की माँ किसे कहा गया है और क्यों? कोई दो कारण लिखिए। [2]
- द्वीप क्यों नहीं बहना चाहता? उसके बहने का क्या परिणाम होगा? कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए। [4]
Very Long Answer
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Solution
- प्रस्तुत पंक्तियाँ ‘नदी के द्वीप’ शीर्षक कविता से ली गई हैं। इस कविता के रचयिता प्रसिद्ध कवि सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ हैं।
- कविता में नदी को द्वीप की जननी कहा गया है, क्योंकि द्वीप का जन्म नदी से ही होता है। नदी ही द्वीप को अस्तित्व प्रदान करती है और वही उसे आकार देती है। द्वीप के जीवन का आधार नदी ही है, क्योंकि वही उसका पालन-पोषण और संरक्षण करती है।
- जिस प्रकार नदी से अलग होकर बहने वाली धारा अपना स्वरूप खो देती है, उसी तरह द्वीप भी नदी से अलग नहीं रहना चाहता। वह स्वयं को नदी का ही अंग मानता है और उसी से जुड़ा रहकर अस्तित्व बनाए रखना चाहता है। द्वीप जानता है कि नदी से अलग होकर बहना रेत बन जाना है, जिससे उसका विनाश निश्चित है। यदि वह बहेगा तो उसके पैर उखड़ जाएँगे और उसका अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। इसलिए द्वीप नदी के साथ स्थिर रहना ही उचित मानता है।
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