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Question
लोमड़ी ने कछुए को बचाने का क्या उपाय सोचा?
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Solution
लोमड़ी ने कछुए को बचाने की एक तरकीब सोची। उसने तेंदुए से कहा कि वह कछुए को पानी में फेंक दे ताकि उसका खोल नरम हो जाए।
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तेंदुए ने क्या मूर्खता की?
तेंदुए की इस मूर्खता से कछुए को क्या फ़ायदा हुआ?
जब तेंदुआ आया तब कछुआ और लोमड़ी गपशप कर रहे थे। सोचो वे क्या बाते कर रहे होंगे? यह तुम अपने दोस्त के साथ मिलकर सोचो।
सोची गई गपशप पर तुम नाटक भी कर सकते हो।
कछुआ बहुत धीरे – धीरे चलता है। इसलिए जो बहुत धीरे चलता है उसके लिए हम कहते हैं -
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वह कछुए की तरह चलता है। |
अब बताओ इनके लिए क्या कहेंगे -
जो बहुत अच्छा तैराक हो।
वह ______ की तरह तैरता है।
जब तेंदुए ने कछुए को पकड़ा तब
वह क्या सोच रहा होगा?
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एक कछुआ पानी से बाहर निकल आया। तीन कछुए पानी से बाहर निकल आए। |
अब नीचे दिए शब्द को बदलकर लिखो -
एक कपड़ा
तीन - ______
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एक कछुआ पानी से बाहर निकल आया। तीन कछुए पानी से बाहर निकल आए। |
अब नीचे दिए शब्द को बदलकर लिखो -
एक रुपया
पंद्रह - ______
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एक कछुआ पानी से बाहर निकल आया। तीन कछुए पानी से बाहर निकल आए। |
अब नीचे दिए शब्द को बदलकर लिखो -
एक खंभा
चार - ______
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एक कछुआ पानी से बाहर निकल आया। तीन कछुए पानी से बाहर निकल आए। |
अब नीचे दिए शब्द को बदलकर लिखो -
एक पतीला
दो - ______
बताओ, ऐसे कौन-कौन चलता है?
फुदक-फुदक कर ______ ______
बताओ, ऐसे कौन-कौन चलता है?
चौकड़ी भरकर ______ ______
बताओ, ऐसे कौन-कौन चलता है?
छलाँग लगाकर ______ ______
बताओ, ऐसे कौन-कौन चलता है?
रेंग-रेंग कर ______ ______
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एक और कहानी ______________________________ एक मगरमच्छ था। वह लोमड़ी को खाना चाहता था। पर लोमड़ी थी बहुत चालाक। वह मगरमच्छ की पकड़ी में ही नहीं आती थी। मगरमच्छ ने एक बार कछुए से मदद माँगी। कछुए ने कहा-लोमड़ी हमेशा नदी पर पानी पीने आती है। क्यों न तुम उसे वहीं पकड़ी लो! मगरमच्छ उस दिन नदी पर लोमड़ी का इंतज़ार करता रहा। पूरी रात काट दी। फिर पता चला कि ______________________________ ______________________________ ______________________________
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