Advertisements
Advertisements
Question
लगभग 80-100 शब्दों में उत्तर लिखिए-
‘प्रेक्टिकल आइडियालिस्ट’ से क्या अभिप्राय है? गांधीजी ‘प्रेक्टिकल आइडियालिस्ट’ थे, कैसे?
Advertisements
Solution
नीतियों और सिद्धांतों में व्यावहारिकता का मिश्रण करके, प्रेक्टिकल आइडियालिस्ट शुद्ध विचारों को समाज में फैलाते हैं। महान नेतृत्व क्षमता के कारण गांधी जी को ‘प्रैक्टिकल आइडियालिस्ट’ कहा गया था। वे व्यावहारिकता का मूल्य और कीमत जानते थे। वे आदर्शों को कभी भी व्यावहारिकता के स्तर पर नहीं उतरने देते थे, बल्कि व्यावहारिकता को आदर्शों पर चढ़ाते थे। यह बात गांधीजी के आदर्शों और उनके व्यवहार के संदर्भ में ‘ताँबे में सोना’ के सिद्धांत पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि वे व्यावहारिक रूप से आदर्शों को रंग देते थे। वे इस रंग को इतना बढ़ा देते थे कि वास्तविकता कहीं खो जाती थी और सिर्फ आदर्श सामने आते थे। इसलिए उनके विचारों और नीतियों को समाज में सम्मान मिला और देश उनके पीछे दौड़ा।
