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लेखक ने ‘सूरज छाप’ टॉर्च को नदी में क्यों फेंक दिया? क्या आप भी वही करते? - Hindi (Elective)

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Question

लेखक ने ‘सूरज छाप’ टॉर्च को नदी में क्यों फेंक दिया? क्या आप भी वही करते? 

Answer in Brief
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Solution

लेखक ने 'सूरज छाप’ टॉर्च को नदी में इसलिए फेंक दिया क्योंकि उसने सोचा कि इस टॉर्च बेचने वाले रोजगार से ज्यादा कमाई हो नहीं रही क्यों ना मैं भी अपने दोस्त की तरह संत की तरह ज्ञान रूपी अंधकार को दूर भगाऊ इसमें गाड़ी, बंगला, पैसे सब कुछ है, मेरे काम में तो रुपए पैसे ही नहीं है।इसी सोच की वजह से उसने अपनी पेंटी को नदी में फेंक दिया।मैं बिल्कुल भी वैसा नहीं करता क्योंकि जो रोजी-रोटी सच्चाई के साथ कमाई जाए उससे जीने में आनंद आता है। लोगों को मूर्ख बनाकर उनको लूट कर कोई फायदा नहीं है। बेईमानी के रास्ते बहुत होते हैं और उसके परिणाम भी वैसे ही भयंकर होते हैं। इसलिए बेहतर है कि सरल जीवन और सच्चाई की रोटी खाए।

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टॉर्च बेचनेवाले
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Chapter 1.3: टार्च बेचनेवाले - प्रश्न-अभ्यास [Page 42]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Antar Class 11
Chapter 1.3 टार्च बेचनेवाले
प्रश्न-अभ्यास | Q 9. | Page 42

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