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Question
लेखिका को अपने वजूद का अहसास कब हुआ?
अथवा
घर में लेखिका के व्यक्तित्व को सकारात्मक विकास कब से शुरू हुआ?
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Solution
अपने ही घर में लेखिका के व्यक्तित्व का सकारात्मक विकास उस समय शुरू हुआ जब उसकी बड़ी बहनों का विवाह हो गया और उसके भाई घर से बाहर अर्थात् कोलकाता पढ़ाई करने चले गए। अब पिता जी ने उसके व्यक्तित्व पर ध्यान देना शुरू किया। वे उसे रसोई में न भेजकर उन बैठकों में उठने-बैठने के लिए प्रोत्साहित करते जहाँ राजनीतिक गतिविधियों पर चर्चाएँ होती थीं।
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आप भी अपने दैनिक अनुभवों को डायरी में लिखिए।
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