Advertisements
Advertisements
Question
लेखक को ऐसा क्यों लगा कि त्रिपुरा स्वच्छता के नाम पर उत्तर भारतीय गाँवों से अलग है? इससे आपको क्या प्रेरणा मिलती है?
Advertisements
Solution
त्रिपुरा में लेखक की मुलाकात गायिका मंजु ऋषिदास से हुई। वे रेडियो कलाकार होने के साथ नगर पंचायत में अपने वार्ड का प्रतिनिधित्व करती थी। वे अपने क्षेत्र की सबसे बड़ी आवश्यकता (स्वच्छ पेयजल) की पूरी जानकारी रखती थे। वे नगर पंचायत को इस बात के लिए राजी कर चुकी थीं कि उनके वार्ड में नल का पानी पहुँचाया जाए और गलियों में ईंटें बिछाई जाएँ। मंजु ऋषिदास का संबंध मोचियों के समुदाय से था।
इस समुदाय की बस्तियों को प्रायः मलिन बस्ती के नाम से जाना जाता है, पर मंजु ने यहाँ शारीरिक और व्यक्तिगत स्वच्छता अभियान चलाया जबकि उत्तर भारतीय गाँवों में स्वच्छता के नाम पर एक नए किस्म की अछूत प्रथा अब भी चलन में दिखती है। इससे हमें भी अपने आसपास साफ़-सफ़ाई रखने की प्रेरणा मिलती है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
मक्खनपुर पढ़ने जाने वाली बच्चों की टोली रास्ते में पड़ने वाले कुएँ में ढेला क्यों फेंकती थी?
लेखक ने अपनी शांतिपूर्ण जिंदगी में खलल पड़ने की बात लिखी है। ऐसा कब और कैसे हुआ?
'इन कृतियों के बीच अपने को कितना भरा-भरा महसूस करता हूँ' − का आशय स्पष्ट कीजिए।
पढ़ाई के प्रति अपने माता-पिता की चिंता दूर करने के लिए आप क्या करते हैं?
लेखक ने तक्षशिला में हामिद की निकटता पाने का क्या उपाय अपनाया? इसका हामिद पर क्या प्रभाव पड़ा?
किस कारण से प्रेरित हो स्थानीय कलेक्टर ने पटेल को गिरफ़्तार करने का आदेश दिया?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए:
मनुष्य के जीवन में पोशाक का क्या महत्व है?
निम्नांकित शब्द-समूहों को पढ़ो और समझो
- कङ्घा, पतङ्ग, चञ्चल, ठण्डा, सम्बन्ध।
- कंघा, पतंग, चंचल, ठंडा, संबंध।
- अक्षुण्ण, सम्मिलित, दुअन्नी, चवन्नी, अन्न।
- संशय, संसद्, संरचना, संवाद, संहार।
- अँधेरा, बाँट, मुँह, ईंट, महिलाएँ, में, मैं।
ध्यान दो कि ङ, ज्, ण, न् और म् ये पाँचों पंचमाक्षर कहलाते हैं। इनके लिखने की विधियाँ तुमने ऊपर देखीं-इसी रूप में या अनुस्वार के रूप में। इन्हें दोनों में से किसी भी तरीके से लिखा जा सकता है और दोनों ही शुद्ध हैं। हाँ, एक पंचमाक्षर जब दो बार आए तो अनुस्वार का प्रयोग नहीं होगा; जैसे-अम्मा, अन्न आदि। इसी प्रकार इनके बाद यदि अंतस्थ य, र, ल, व और ऊष्म श, ष, स, ह आदि हों तो अनुस्वार का प्रयोग होगा, परंतु उसका उच्चारण पंचम वर्गों में से किसी भी एक वर्ष की भाँति हो सकता है; जैसे-संशय, संरचना में ‘न्’, संवाद में ‘म्’ और संहार में ‘ङ’।
( ं) यह चिह्न है अनुस्वार का और ( ँ) यह चिह्न है अनुनासिक का। इन्हें क्रमशः बिंदु और चंद्र-बिंदु भी कहते हैं। दोनों के प्रयोग और उच्चारण में अंतर है। अनुस्वार को प्रयोग व्यंजन के साथ होता है अनुनासिक का स्वर के साथ।
कभी-कभी पोशाकें मनुष्य के लिए बाधक सिद्ध होती हैं। ऐसी पोशाकों की तुलना किससे की है और क्यों ?
नीचे दिए गए उपसर्गों का उपयुक्त प्रयोग करते हुए शब्द बनाइए −
अ, नि, अन, दुर, वि, कु, पर, सु, अधि
|
आर्य |
- |
__________ |
आगत |
- |
__________ |
|
डर |
- |
__________ |
आकर्षण |
- |
__________ |
|
क्रय |
- |
__________ |
मार्ग |
- |
__________ |
|
उपस्थित |
- |
__________ |
लोक |
- |
__________ |
|
नायक |
- |
__________ |
भाग्य |
- |
__________ |
गांधी जी की आत्मकथा ‘सत्य के प्रयोग’ को पुस्तकालय से लेकर पढ़िए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
अतिथि कितने दिनों से लेखक के घर पर रह रहा है?
दूसरे दिन अतिथि के न जाने पर लेखक और उसकी पत्नी का व्यवहार किस तरह बदलने लगता है?
नीचे दिए गए उदाहरण 'ही' का प्रयोग करते हुए पाँच वाक्य बनाइए।
उदाहरण : उनके ज्ञान की सशक्त नींव उनके पिता ने ही तैयार की थी।
भारत के किन-किन वैज्ञानिकों को नोबेल पुरस्कार मिला है? पता लगाइए और लिखिए।
लेखक ने किसकी प्रयोगशाला को अनूठी कहा है और क्यों ?
रामन् ने अपने प्रयोगों से विभिन्न वर्गों पर प्रकाश के प्रभाव के बारे में क्या सिद्ध कर दिया?
रामन् की सफलता में उनके पिता के योगदान को स्पष्ट कीजिए।
उदाहरण के अनुसार ‘त्व’ प्रत्यय लगाकर पाँच शब्द बनाइए-
उदाहरण : देव + त्व = देवत्व
