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लेखा व्यवहार कीजिए: गैर-अभिलेखित परिसंपत्तियाँ - Accountancy (लेखाशास्त्र)

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Question

लेखा व्यवहार कीजिए:

गैर-अभिलेखित परिसंपत्तियाँ

Answer in Brief
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Solution

अपरिवर्तित परिसंपत्तियों के लिए एक फर्म के विघटन के समय लेखांकन उपचार:

यह ऐसी संपत्ति है जिसका मूल्य किताबों से दूर है, यह पुन: प्रयोज्य तरीके से नहीं है, मेरा मतलब है कि यह एक स्क्रैप है।

यदि यह नकदी के माध्यम से बेचा जाता है:

रोकड़ खाता      ...नाम 
वसूली खाता
(अलिखित संपत्ति नकद के लिए बेची गई)

साझेदार द्वारा ली गई परिसंपत्तियों के लिए -

साझेदार का पूँजी खाता     ...नाम 
 वसूली खाते से
(किसी की भी साझेदार द्वारा अनधिकृत संपत्ति
पर कब्जा कर लिया जाता है)
shaalaa.com
लेखांकर व्यवहार
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RELATED QUESTIONS

वसूली खाता किसे कहते हैं?


वसूली खाते का प्रारूप बनाइए।


वसूली व्यय से संबंधित निम्न व्यवहारों का रोज़नामचा बनाइएः

(अ) वसूली व्यय की राशि 2,500 रूपये।

(ब) वसूली व्यय की राशि 3,000 रुपये का भुगतान अशोक द्वारा जो कि एक साझेदार है।

(स) वसूली व्यय 2,300 रूपये तरुण द्वारा व्यक्तिगत तौर पर किए गए।

(द) साझेदार अमित को परिसंपत्तियों की वसूली के लिए 4000 रूपये में नियुक्त किया गया। वास्तविक वसूली व्यय की राशि 3000 रूपये है।


एक पुराने कंप्यूटर को पिछले वर्ष के लेखा पुस्तकों में अपलिखित किया गया। एक साझेदार नितिन द्वारा उसी को 3,000 रुपये में लिया गया। यह मानते हुए कि फर्म का विघटन हो चुका है, उपरोक्त के संबंध में रोजनामचा प्रविष्टियाँ कीजिए।


निम्न परिस्थितियों में आप रशिम और बिंदु के वसूली व्ययों का किस प्रकार लेखा व्यवहार करेंगे:

1. वसूली व्यय की राशि 1,00,000 रुपये।

2. वसूली व्यय की राशि 30,000 रुपये का भुगतान साझेदार रशिम ने किया।

3. विघटन प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए रशिम ने वसूली व्यय का वहन किया जिसके लिए पारितोषिक 70,000 रूपये दिया गया। रशिम द्वारा वास्तविक व्यय 120000 रूपये किया गया।


निम्न व्यवहारों की रोज़नामचा प्रविष्टियाँ दीजिए:

  1. विभिन्न परिसंपत्तियों और दायित्वों की वसूली का अभिलेखन।
  2. फर्म के पास 1,60,000 रुपये का स्टॉक है। साझेदार अज़ीज़ द्वारा 50% स्टॉक को
    20% छूट पर ले लिया गया।
  3. शेष स्टॉक का विक्रय लागत मूल्य पर 30% लाभ पर हुआ।
  4. भूमि और भवन (पुस्तक मूल्य 1,60,000 रुपये) का विक्रय 3,00,000 रुपये में एक दलाल के द्वारा किया गया जिसने सौदे पर 2% कमीशन लिया।
  5. संयंत्र और मशीनरी (पुस्तक मूल्य 60,000 रुपये) एक लेनदार को पुस्तक मूल्य से 10% कम के स्वीकृत मूल्यांकन पर दिया गया।
  6. विनियोग जिसका मूल्य 4,000 रुपये था से 50% वसूली हुई।

1,00,000 रुपये की परिसंपत्तियों का हस्तांतरण (रोकड़ और बैंक के अतिरिक्त) वसूली खाते में किया गया। परिसंपत्तियों को 50% साझेदार अतुल द्वारा 20% छूट पर ले लिया। शेष परिसंपत्तियों में से 40% को, लागत पर 30% लाभ पर विक्रय किया गया। शेष का 5% बेकार हो गया, कुछ वसूली नहीं हुई और बाकी परिसंपत्तियाँ एक लेनदार को उसके दावे का पूर्ण भुगतान के लिए दी गई।
परिसंपत्तियों से वसूली की रोजनामचा प्रविष्टि का अभिलेखन करें।


पारस और प्रिया की पुस्तकों में निम्न गैर-अभिलेखित परिसंपत्तियों और दायित्वों की आवश्यक रोजनामचा प्रविष्ट का अभिलेखन करें:

  1. एक पुराने फ़र्नीचर को फर्म में पूर्ण रूप से अपलिखित किया गया। यह फ़र्नीचर 3,000 रूपये में बेचा गया।
  2. आशीष जो कि एक पुराना ग्राहक है जिसका खाता 1,000 रूपये से पिछले वर्ष के डूबत ऋण के तौर पर अपलिखित किया गया, ने 6% का भुगतान किया।
  3. पारस फर्म की ख्याति को लेता है (जिसका लेखा पुस्तकों में नहीं है) जिसे 3,000 रूपये पर मूल्यांकित किया गया।
  4. एक पुरानी टंकण मशीन (टाइपराइटर) जो कि पूर्ण रूप से लेखा पुस्तकों में अपलिखित किया गया। इसका अनुमानित वसूली मूल्य 400 रुपये था। इसको प्रिया के द्वारा अनुमानित मूल्य से 25% छूट पर लिया गया।
  5. 100 शेयर, 10 रूपये प्रत्येक को स्टार लिमिटेड ने 2,000 रूपये की कीमत पर अधिगृहित किया था, जिसको लेखा पुस्तकों में पूर्ण रूप से अपलिखित किया गया। इन अंशों का मूल्यांकन 6 रूपये प्रत्येक किया तथा साझेदारों के मध्य उनके लाभ विभाजन अनुपात में बाँटा गया।

शिल्पा, मीना और नंदा ने 31 मार्च, 2020 को फर्म के विघटन का निर्णय लिया। इनका लाभ विभाजन अनुपात 3: 2: 1 है और उनका तुलन पत्र इस प्रकार है:

31 मार्च, 2020 को शिल्पा, मीना और नंदा का तुलन पत्र

दायित्व

राशि (रु.)

परिसंपन्तियाँ राशि (रु.)
पूँजी:   भूमि 81,000
शिल्पा 80,000 स्टॉक 56,760
मीना 40,000 देनदार 18,600

बैंक ऋण

20,000

नंदा की पूँजी

23,000
लेनदार 37,000 रोकड़  10,840

संदिग्ध ऋण के लिए प्रावधान

1,200    

सामान्य संचय

12,000    
  1,90,200   1,90,200

शिल्पा ने 41,660 रुपये मूल्य का स्टॉक 35,000 रुपये में ले लिया और बैंक ऋण का भुगतान करने को सहमत हुई। शेष स्टॉक का विक्रय 14,000 रुपये में किया गया और 10,000 रुपये के देनदारों से 8,000 रुपये वसूली हुई । भूमि का विक्रय 1,10,000 रुपये में किया। शेष देनदारों से पुस्तक मूल्य की 50% वसूली हुई। वसूली की लागत राशि 1,200 रुपये है। 6,000 रुपये मूल्य की एक टंकण मशीन पुस्तकों में गैर-अभिलेखित है, को एक लेनदार ने इसी मूल्य पर ले लिया। वसूली खाता तैयार करें। 


रीटा, गीता और आशीष फर्म में साझेदार हैं, उनका लाभ/हानि विभाजन अनुपात 3: 2: 1 है। 31 मार्च, 2017 को उनका तुलन पत्र इस प्रकार है:

31 मार्च, 2017 को रीटा, गीता और आशीष का तुलन पत्र

दायित्व  

राशि (रू.)

परिसंपत्तियाँ राशि (रू.)
पूँजी:     रोकड़ 22,500
रीटा 80,000 1,60,000 देनदार 52,300
गीता 50,000 स्टॉक 36,000
आशीष 30,000 विनियोग 69,000
लेनदार   65,000 संयंत्र 91,200
देय विपत्र   26,000    

सामान्य संचय

  20,000    
    2,71,000   2,71,000

ऊपर दी गई तिथि को फर्म का विघटन हो गया।

1. रीटा को परिसंपत्तियों की वसूली के लिए नियुक्त किया गया। रीटा को परिसंपत्तियों की वसूली के लिए 5% कमीशन (रोकड़ के अतिरिक्त) मिलेगा और वह सारे वसूली व्यय करेगी।

2. परिसंपत्तियों से वसूली निम्न है:

देनदार 30,000 रू
स्टॉक 26,000 रू
संयंत्र 42,750 रू

3. विनियोग से पुस्तक मूल्य के 85% की वसूली हुई।

4. वसूली व्यय की राशि 4,100 रुपये है।

5. फर्म ने बकाया वेतन 7,200 रूपये का भुगतान किया जिसका प्रावधान पहले नहीं किया गया था।

6. एक विपत्र बैंक से छूट के संबंध में आकस्मिक दायित्व है जिसका भुगतान 9800 रूपये किया गया। वसूली खाता, साझेदारों के पूँजी खाते, रोकड़ खाता तैयार करें।


अनूप और सुमित फर्म में बराबर के साझेदार हैं। वे 31 मार्च, 2017 को फर्म के समापन का निर्णय लेते हैं, जब तुलन पत्र निम्न है:

31 मार्च, 2017 को अनूप और सुमित का तुलन पत्र
दायित्व

 

राशि (रू) परिसंपत्तियाँ राशि (रू)

विविध लेनदार

  27,000

हस्तस्थ रोकड़

11,000

संचय कोष

  10,000

विविध देनदार

12,000
ऋण   40,000 संयंत्र 47,000
पूँजी:     स्टॉक 42,000
अनुप 60,000 1,20,000 पट्टाकृत भूमि 60,000
सुमित 60,000 फ़र्नीचर 25,000
    1,97,000   1,97,000

परिसंपत्तियों से वसूली निम्न है:

पट्टाकृत भूमि

72,000 रू

फर्नीचर

22,500 रू

स्टॉक

40,500 रू

संयंत्र

48,000 रू

विविध देनदार

10,500 रू

लेनदारों को 25,500 रुपये का भुगतान पूर्ण निपटारे के लिए किया गया। वसूली व्ययों की राशि 2,500 रूपये है। फर्म की पुस्तकों को बंद करने के लिए वसूली खाता, बैंक खाता तथा साझेदारों के पूँजी खाते तैयार करें। 


आशू और हरीश साझेदार हैं। वे अपना लाभ और हानि 3 : 2 में विभाजित करते हैं। 31 मार्च, 2017 को फर्म के विघटन का निर्णय लिया गया। इस तिथ को फर्म का तुलन पत्र इस प्रकार है:

31 मार्च, 2017 को आश्रा और हरीश का तुलन पत्र

दायित्व

 

राशि (रु.) परिसंपन्तियाँ राशि (रु.)
पूँजी:     भवन 80,000
आशू 1,08,000 1,62,000 मशीनरी 70,000
हरीश 54,000 फर्नीचर 14,000
लेनदार   88,000 स्टोक 20,000

बैक अधिविकर्ष

  50,000 विनियोग 60,000
      देनदार 48,000
     

हस्तस्थ रोकड़

8,000
    3,00,000   3,00,000

आशू ने भवन को 95,000 रुपये में और हरीश ने मशीनरी और फर्नीचर को 80,000 रुपये के मूल्य पर लिया। आशू लेनदारों का भुगतान करने के लिए सहमत हुआ और हरीश ने बैंक अधिविकर्ष का भुगतान किया। स्टॉक और विनियोग को दोनों साझेदारों ने लाभ विभाजन अनुपात में ले लिया। देनदारों से 46,000 रुपये वसूली हुई। वसूली व्ययों की राशि 3,000 रुपये हैं। आवश्यक बही खाता तैयार करें।


31 मार्च, 2017 को गृप्ता और शर्मा का तलन पत्र निम्न है:

31 मार्च, 2017 को गुप्ता और शर्मा का तुलन पत्र
दायित्व  

राशि (रू.)

परिसंपत्तियाँ

राशि (रू.)
विविध लेनदार   38,000

बैंक में रोकड़

12,500

श्रीमती गुप्ता से ऋण

   

विविध देनदार

55,000

श्रीमती शर्मा से ऋण

    स्टॉक 44,000
सामान्य संचय    

प्राप्य विपत्र

19,000

डूबत ऋण के
लिए प्रावधान

    मशीनरी 52,000

पूँजी:

    विनियोग 38,500

गुप्ता

90,000 1,50,000 फिक्सचर्स 27,000
शर्मा 60,000    
    2,48,000   2,48,000

31 मार्च, 2017 को फर्म का विघटन हो गया और परिसंपत्तियों से वसूली व दायित्वों का भुगतान निम्न है:

(अ) परिसंपत्तियों से वसूली:

विविध देनदार 

52,000
स्टॉक 42,000
प्राप्य विपत्र 16,000
मशीनरी 49,000
फिक्सचर 20,000

(ब) गुप्ता द्वारा विनियोग 36,000 रुपये के स्वीकृत मूल्य पर लिए गए और वह श्रीमती गुप्ता के ऋण का भुगतान करने के लिए सहमत है।

(स) विविध लेनदारों को 3% छूट पर भुगतान किया गया।

(द) वसूली व्यय 120 रुपये किए गए।

विघटन पर रोज़नामचा प्रविष्टि करें और वसूली खाता, बैंक खाता और साझेदारों के पूँजी खाते तैयार करें।


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