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Question
क्या विसामन्य व्यवहार का एक दीर्धकालिक प्रतिरूप अपसामान्य समझा जा सकता है? इसकी व्याख्या कीजिए।
Answer in Brief
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Solution
अपसामान्य का अर्थ होता है 'जो सामान्य से परे हो' इसका तातपर्य हुआ जो स्पष्ट रूप से परिभाषित है मानको या मानदंडों से हट कर हो। मनोविज्ञान में हमारे पास मानव व्यवहार का कोई 'आदर्श मॉडल' या 'सामान्य मॉडल' नहीं है जिसे तुलना के आधार के रूप में उपयोग किया जा सके। सामान्य और अपसामान्य व्यवहार में विभेद करने के लिए कई उपागम प्रयुक्त हुए है। अपसामान्य व्यवहार, विचार और संवेग वह है जो उचित प्रकार्यो से संबंधित समाज के विचारो से काफी भिन्न हो। प्रत्यक समाज के कुछ मानक होते है जो समाज में उचित आचरण के लिए कथित या अकथित नियम होते है। वह व्यवहार, विचार और संवेग जो सामाजिक मानको को तोडते है अपसामान्य कहे जाते है।
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प्रमुख मनोवैज्ञानिक विकार
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