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Question
"चिकित्सक व्यक्ति के शारीरिक लक्षणो को देखकर बीमारी का निदान करते है" मनोवैज्ञानिक विकारो का निदान किस प्रकार किया जाता है?
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Solution
मनोवैज्ञानिक विकार भी अन्य बीमारियों की तरह होते हैं जो कि अनुकूलन की असफलता के कारण होती हैं। मनोवैज्ञानिक विकार किसी भी असामान्य बात की तरह हमारे लिए असुविधा उत्पन कर सकता है और भयभीत भी कर सकता है। मनोवैज्ञानिक विकारों के बारे में लोगों के अस्पष्ट विचार है। जो अंधविश्वास, अज्ञान और भय के तत्वों पर आधारित होते है। सामान्यतः यह भी माना जाता है की मनोवैज्ञानिक विकार कुछ शर्मनाक पहलू है तथा मानसिक रोगों पर लगे कलंक के कारण लोग मनोवैज्ञानिक से परामर्श लेने में हिचकिचाते हैं क्योंकि अपनी समस्याओं को वे लज्जास्पद समझते हैं। परन्तु मनोवैज्ञानिक विकारों का निदान किया जा सकता हैं।
अतिप्राकृत द्द्ष्टिकोंण के अनुसार मनोवैज्ञानिक विकार अलौकिक और जादुई शक्तियों जैसे - बुरी आत्माएँ या शैतान के कारण है तथा इनका निदान आज भी झाड़ - फुक और प्रार्थना द्वारा किया जाता है। जैविक और आगिक उपागत के अनुसार मनोवैज्ञानिक विकार शरीर और मस्तिष्क के उचित प्रकार से काम नहीं करने के कारण होता है तथा कई प्रकार के विकारों को दोषपूर्ण जैविक प्रक्रियाओं को ठीक करके दूर किया जा सकता है जिसका परिणाम समुन्नत प्रकार्य में होता है। मनोवैज्ञानिक उपागम के अनुसार मनोवैज्ञानिक समस्याएँ व्यक्ति के विचारों, भावनाओं तथा संसार को देखने के नजरिए में अपर्याप्तता के कारण उत्पन्न होती है। भूत - विद्या और अंधविश्वासों के अनुसार मानसिक विकारों से ग्र्सिंत व्यक्ति में दुष्ट आत्माएँ होती है और मध्य युग में उनका धर्मशास्त्रीय उपचार पर बल दिया जाता था।
परन्तु आज वैज्ञानिक युग में मनोवैज्ञानिक विकारों के प्रति वैज्ञानिक अभिवृति में वृद्धि हुई है। आज मनोवैज्ञानिक विकारो में ग्रसित व्यक्तियों के प्रति करुणा या सहानुभूति की भावना में वृद्धि हुई है तथा मनोवैज्ञानिक विकारों का निदान मनोवैज्ञानिक व्यवहारों द्वारा तथा उपयुक्त देख - रेख द्वारा लोगों एवं विशेषकर मनोवैज्ञानिक द्वारा किया जाता है।
