English

क्या तुम्हारे घर में भी पंखा, टी.वी., समाचारपत्र, कुर्सी या किसी और चीज़ को लेकर झगड़े होते हैं? तुम्हारे घर के ऐसे झगड़े कौन सुलझाता है?

Advertisements
Advertisements

Question

क्या तुम्हारे घर में भी पंखा, टी.वी., समाचारपत्र, कुर्सी या किसी और चीज़ को लेकर झगड़े होते हैं?

  • तुम्हारे घर के ऐसे झगड़े कौन सुलझाता है?
  • अपने घर के ऐसे झगड़ों के बारे में कोई मज़ेदार किस्सा सुनाओ।
  • क्या तुमने कहीं और एक ही चीज़ के लिए लोगों को आपस में झगड़ते देखा है? किस बात पर?
Answer in Brief
Advertisements

Solution

हाँ, कभी-कभी मेरे और मेरी बहन में टी.वी. को लेकर झगड़े होते हैं।

  • ऐसे झगड़े हमलोग आपस में ही सुलझा लेते हैं।

  • एक बार टी.वी. पर क्रिकेट मैच आ रहा था तथा दूसरे चैनल पर फिल्मफेयर अवार्ड का प्रोग्राम। मैं क्रिकेट मैच देखना चाह रहा था जबकि मेरी बहन फिल्मफेयर अवार्ड का प्रोग्राम देखना चाह रही थी। इसलिए हम दोनों में झगड़ा हो गया। फिर हमदोनों ने मिलकर फैसला किया कि चूँकि फिल्मफेयर अवार्ड का प्रोग्राम एक घंटे में खत्म हो जायेगा इसलिए बहन उस प्रोग्राम को देखेगी तथा ब्रेक के समय मैं मैच का स्कोर देखूँगा। फिल्मफेयर अवार्ड का प्रोग्राम खत्म हो जाने के बाद मैं पूरे मैच को देखूँगा।
  • हाँ, कई बार ट्रेनों में सीट के लिए लोगों को आपस में झगड़ते हुए देखा है।
shaalaa.com
दुनिया मेरे घर में
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 22: दुनिया मेरे घर में - बताओ [Page 180]

APPEARS IN

NCERT Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
Chapter 22 दुनिया मेरे घर में
बताओ | Q 1 | Page 180

RELATED QUESTIONS

शाम के सात बजे हैं। प्रतिभा अपनी सहेली के घर से भागी-भागी अपने घर जा रही है। नुक्कड़ पर उसके भाई संदीप और संजय दोस्तों के साथ खेलने में लगे हैं। उन्हें घर पहुँचने की कोई जल्दी नहीं है। उन्हें दे से घर पहुँचने पर कोई नहीं टोकता।

प्रतिभा को यह बात ठीक नहीं लगती। उस के लिए एक नियम और उसके भाइयों के लिए दूसरा। पर वह क्या करे?

क्या तुम्हारे या किसी दोस्त के परिवार में ऐसी बातें होती हैं? तुम इस बारे में क्या सोचते हो?


एक दिन फली, नाज़ू और उनके दोस्त पिलू मामी के साथ समुद्र तट पर घूमने गए। पानी और रेत में खूब खेलने के बाद बच्चों ने आकाशी झूले में चक्कर लगाए, भेलपूरी खाई और गुब्बारे भी खरीदे। बाद में सभी ने मज़े से ठंडी-ठंडी कुल्फ़ी खाई। कुल्फ़ी वाले ने गलती से सात के बजाए पाँच कुल्फ़ी के ही पैसे माँगे। बच्चों ने सोचा ‘चलो पैसे बच गए।’ पर पिलू मामी ने कुल्फ़ीवाले को सही हिसाब समझाया और सात कुल्फ़ियों के ही पैसे दिए।

उस दिन बच्चों ने पिलू मामी से जो बात सीखी, उसे शायद वे कभी नहीं भूलेंगे।

  • अपनी कल्पना से, इस कहानी का अंत बदलकर कॉपी में लिखो।
  • क्या तुम्हारे परिवार में भी कोई पिलू मामी की तरह है? कौन?
  • अगर पिलू मामी कम पैसे देकर वहाँ से चलीं जातीं, तो बच्चे इस बारे में क्या सोचते? तुम इस बारे में क्या सोचते हो?

अक्षय उलझन में क्यों पड़ गया?


अक्षय की दादी-माँ ने उसे अनिल के घर का पानी तक पीने के लिए मना क्यों किया होगा?


क्या तुम किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हो, जो अक्षय की दादी-माँ की तरह ही सोचते हैं?


तुम धोंडू की जगह होते तो क्या करते?


क्या तुम्हारे साथ कभी ऐसा हुआ है कि तुम कुछ करना चाहते हो, पर घर के बड़ों ने मना किया हो?


तुम्हारे घर में ज़रूरी फ़ैसले कौन लेता है? तुम्हें इस बारे में क्या लगता है?


किसका छूना तुम्हें अच्छा नहीं लगा?


अगर तुम रितु की जगह होते, तो क्या करते?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×