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कविता के संदर्भ में 'बिना मुरझाए महकने के माने' क्या होते हैं?

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Question

कविता के संदर्भ में 'बिना मुरझाए महकने के माने' क्या होते हैं?

Short/Brief Note
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Solution

फूल ही ऐसे हैं, जो महकते हैं। लेकिन उनका महकना तब तक कायम रहता है, जब तक उनका अस्तित्व विद्यमान है। कविता की स्थिति ऐसी नहीं है। कवि ने उसे खिलने तथा कभी न मुरझाने की शक्ति प्रदान की है। इस कारण उसकी महक सदैव बनी रहती है। उसे आप जब भी पढ़ो वह आपको नयी ही प्रतीत होती है। कविता का प्रभाव तथा अस्तित्व चिरस्थायी रहता है। इसलिए कविता को बिना मुरझाए महकने के लिए कहा है।
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कविता के बहाने
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Chapter 3: कुँवर नारायण (कविता के बहाने, बात सीधी थी पर) - अभ्यास [Page 19]

APPEARS IN

NCERT Hindi Aaroh Bhag 2 [English] Class 12
Chapter 3 कुँवर नारायण (कविता के बहाने, बात सीधी थी पर)
अभ्यास | Q 4. | Page 19
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