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Question
कुक्कुट (मुर्गियों) की बीमारियों की रोकथाम के लिए कुछ उपाय सुझाइए।
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Solution
पोल्ट्री पक्षी वायरस (फ्लू, डर्मेटाइटिस, फाउल पॉक्स, रानीखेत रोग), बैक्टीरिया (तपेदिक, हैजा, दस्त), कवक (एस्परगिलोसिस) और परजीवी (कृमि, घुन, जूँ) आदि के कारण होने वाली विभिन्न बीमारियों से पीड़ित हैं। ये रोग पक्षी के विकास को कम करते हैं, अंडे के उत्पादन को कम करते हैं, प्रजनन क्षमता को कम करते हैं और मृत्यु का कारण भी बन सकते हैं। कुक्कुट पक्षियों के रोगों के लिए कुछ निवारक उपाय निम्नलिखित हैं:
- स्वस्थ माता-पिता से रोग मुक्त चूजों को उचित स्वच्छता की स्थिति में पालना चाहिए।
- नियमित अंतराल पर कीटाणुनाशकों का छिड़काव करके कुक्कुट घरों को साफ और कीटाणुरहित किया जाना चाहिए।
- पक्षियों को पोषण संबंधी बीमारियों से बचाने के लिए ताजा और संतुलित चारा दिया जाना चाहिए।
- बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए पक्षियों की भीड़भाड़, खराब वेंटिलेशन और नमी से बचना चाहिए।
- नवजात चूजों का समय से टीकाकरण करवाना चाहिए। टीकाकरण संक्रामक रोगों की घटना को रोकता है और बीमारी के प्रकोप के दौरान कुक्कुट के नुकसान को कम करता है।
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निम्नलिखित कथन की विवेचना कीजिए-
“यह रुचिकर है कि भारत में कुक्कुट, अल्प रेशे के खाद्य पदार्थों को उच्च पोषकता वाले पशु प्रोटीन आहार में परिवर्तित करने के लिए सबसे अधिक सक्षम हैं। अल्प रेशे के खाद्य पदार्थ मनुष्यों के लिए उपयुक्त नहीं होते हैं।”
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ब्रौलर तथा अंडे देने वाली लेयर में क्या अंतर है? इनके प्रबंधन के अंतर को भी स्पष्ट करो।
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