Advertisements
Advertisements
Question
कथन (A): सभी परमाणुओं का एक नेट चुंबकीय आघूर्ण होता है।
कारण (R): धारा लूप सदैव चुंबकीय द्विध्रुव की भाँति व्यवहार नहीं करता है।
Options
कथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं और कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या है।
कथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं, किंतु कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।
कथन (A) सत्य है, किंतु कारण (R) असत्य है।
कथन (A) और कारण (R) दोनों ही असत्य हैं।
Advertisements
Solution
कथन (A) और कारण (R) दोनों ही असत्य हैं।
स्पष्टीकरण:
कथन असत्य है क्योंकि सभी परमाणुओं में नेट चुंबकीय आघूर्ण नहीं होता है। कई परमाणुओं में (जैसे कि उत्कृष्ट गैसें), इलेक्ट्रॉन का चक्रण और कक्षीय आघूर्ण एक-दूसरे को निरस्त कर देते हैं, जिससे परिणामी चुंबकीय आघूर्ण शून्य हो जाता है। कारण भी असत्य है, क्योंकि एक धारावाही लूप हमेशा एक चुंबकीय द्विध्रुव के रूप में कार्य करता है। एक प्रवाहित धारा द्वारा उत्पन्न चुंबकीय द्विध्रुव आघूर्ण निम्नलिखित सूत्र द्वारा दिया जाता है:
µ = IA
