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क्षैतिज तल में रखे एक छोटे छड़ चुम्बक का अक्ष, चुम्बकीय उत्तर-दक्षिण दिशा के अनुदिश है। सन्तुलन बिन्दु चुम्बक के अक्ष पर, इसके केन्द्र से 14 सेमी दूर स्थित है। - Physics (भौतिक विज्ञान)

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Question

क्षैतिज तल में रखे एक छोटे छड़ चुम्बक का अक्ष, चुम्बकीय उत्तर-दक्षिण दिशा के अनुदिश है। सन्तुलन बिन्दु चुम्बक के अक्ष पर, इसके केन्द्र से 14 सेमी दूर स्थित है। इस स्थान पर पृथ्वी का चुम्बकीय-क्षेत्र 0.36 G एवं नति कोण शून्य है। चुम्बक के अभिलम्ब समद्विभाजक पर इसके केन्द्र से उतनी ही दूर (14 सेमी) स्थित किसी बिन्दु पर परिणामी चुम्बकीय-क्षेत्र क्या होगा ?

Numerical
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Solution

दिया है, पृथ्वी का चुम्बकीय क्षेत्र B = 0.36 गौस = 0.36 x 10-4 टेस्ला

θ = 0

चुम्बक की अक्ष पर उदासीन बिन्दु की दूरी r = 14 सेमी = 0.14 मीटर

यदि अक्षीय बिन्दु पर चुम्बक के कारण चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता B1 हो, तो

`"B"_1 = (mu_0/(4pi))"2M"/"r"^3`

लेकिन उदासीन बिन्दु पर H = B1

अथवा B cos θ = B

`therefore "B" cos θ = (mu_0/(4pi)) ("2M")/"r"^3`

अथवा `0.36 xx 10^-4 xx cos theta = (10^-7 xx "2M")/(0.14)^3`

∴ M = `(0.36 xx 10^-4 xx 1 xx (0.14)^3)/(2 xx 10^-7)`   ...(1)

यदि चुम्बक की विषुवत स्थिति में चुम्बक से r दूरी पर चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता B2 हो, तो

`"B"_2 = mu_0/(4pi) * "M"/"r"^3`

`= (10^-7 xx 0.36 xx 10^-4 xx (0.14)^3)/(2 xx 10^-7 xx (0.14)^3)` टेस्ला

= 0.18 × 10-4  गौस   (पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा में)

यदि इस बिन्दु पर परिणामी चुम्बकीय क्षेत्र B' हो, तो 

`vec"B'" = vec"B"_"चुम्बक" + vec"B"_"पृथ्वी"`

अथवा B' = B2 + B

= 0.18 + 0.36

= 0.54 गौस     (पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा में)

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छड़ चुंबक - छड़ चुंबक का एक धारावाही परिनालिका की तरह व्यवहार
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