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क्षारकता गुणधर्म के आधार पर अम्लों का वर्गीकरण करें। एक उदाहरण लिखें।

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Question

क्षारकता गुणधर्म के आधार पर अम्लों का वर्गीकरण करें। एक उदाहरण लिखें।

Answer in Brief
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Solution

अम्ल के एक अणु के वियोजन से जितने H+ आयन मिल सकते हैं, वह संख्या अर्थात्‌ अम्ल की क्षारकता होती है।

उदारणार्थ:

  1. \[\ce{HCl → H+ + Cl-}\]
    HCl की क्षारकता 1 है।
  2. \[\ce{H2SO4→ 2H+ + SO^{2-}_4}\]
    H2SO4 की क्षारकता 2 है।

क्षारीयता के आधार पर अम्लों को विभिन्न प्रकारों में वर्गीकृत किया गया:

  1. एकल क्षारकतावाले अम्ल (Monobasic acid):
    अम्ल, जो आयनीकरण पर पानी के साथ प्रतिक्रिया करके एक हाइड्रोनियम आयन उत्पन्न करते हैं। अम्ल, जो आयनीकरण पर एक हाइड्रोजन आयन उत्पन्न करते हैं।
    उदाहरण - HCl, HNO3, CH3COOH.
  2. द्विक्षारकतावाले अम्ल (Dibasic acid):
    अम्ल, जो आयनीकरण पर पानी के साथ प्रतिक्रिया करके दो हाइड्रोनियम आयन उत्पन्न करते हैं। अम्ल, जो आयनीकरण पर दो हाइड्रोजन आयन उत्पन्न करते हैं।
    उदाहरणH2SO4, H2SO3.
  3. त्रिक्षारकतावाले अम्ल (Tribasic acid):
    अम्ल, जो आयनीकरण पर पानी के साथ प्रतिक्रिया में तीन हाइड्रोनियम आयन उत्पन्न करते हैं। अम्ल, जो आयनीकरण पर तीन हाइड्रोजन आयन उत्पन्न करते हैं।
    उदाहरण - H3PO4, H3BO3.
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क्षारकों का वर्गीकरण
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Chapter 5: अम्ल, क्षारक तथा लवण - स्वाध्याय [Page 74]

APPEARS IN

Balbharati Science and Technology [Hindi] 9 Standard Maharashtra State Board
Chapter 5 अम्ल, क्षारक तथा लवण
स्वाध्याय | Q 8. अ. | Page 74
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