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Question
कृष्ण को ‘गउवन के रखवारे’ कहा गया है जिसका अर्थ है गौओं का पालन करनेवाले। इसके लिए एक शब्द दें।
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Solution
गोपाला या गोपालक।
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RELATED QUESTIONS
बहुविकल्पी प्रश्न
‘उथल-पुथल मचने’ से कवि का क्या अभिप्राय है?
कठपुतली को धागे में क्यों बाँधा जाता है?
इस कविता के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?
क्या आपको दूसरों के इशारों पर काम करना अच्छा लगता है? इसका तर्कसंगत उत्तर दीजिए।
जंगल, पेड़-पौधों और प्रकृति से संबंधित कुछ कविताओं के बारे में जानकारी प्राप्त करो। "जंगल" शीर्षक से दी गई कविता को पढ़ो और अपने दोस्तों को सुनाओ।
नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। बताओ, इस पंक्ति का क्या अर्थ हो सकता है?
हमको तुमको प्रान मिलेगा।
बादल काका ज़ोर-ज़ोर से क्यों डाँट रहे हैं?
"तब माँ कोई कर न सकेगा
अपने ऊपर अत्याचार।"
कविता की इस पंक्ति में किस अत्याचार की बात की जा रही है? वे किस तरह के अत्याचार करते थे?
'सुख-स्वप्नों के स्वर गूँजेंगे।'
इसमें 'स' अक्षर बार-बार आया है।
तुम भी नीचे लिखे वर्णों से वाक्य बनाओ। ध्यान रखो कि उस वर्ण से शुरू होने वाले तीन शब्द तुम्हारे वाक्य में हों।
(क) क __________________
(ख) त __________________
(ग) द __________________
नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। कविता की अगली पंक्ति स्वयं बनाओ। ध्यान रखो, कविता में से देखकर नहीं लिखना।
| नमूना → | ज़ोर - ज़ोर से गरज रहे है। |
| तड़ तड़ तड़ तड़ बरस रहे है। |
किसने फोड़ घड़े बादल के
ऐसी ही एक और कविता खोजकर अपनी कॉपी में लिखो। तुम स्वयं भी कविता की रचना कर सकते हो।
स्वतंत्र होने की लड़ाई कठपुतलियों ने कैसे लड़ी होंगी और स्वतंत्र होने के बाद स्वावलंबी होने के लिए क्या-क्या प्रयत्न किए होंगे? यदि उन्हें फिर से धागे में बाँधकर नचाने के प्रयास हुए होंगे तब उन्होंने अपनी रक्षा किस तरह के उपायों से की होगी ?
कई बार जब दो शब्द आपस में जुड़ते हैं तो उनके मूल रूप में परिवर्तन हो जाता है। कठपुतली शब्द में भी इस प्रकार का सामान्य परिवर्तन हुआ है। जब काठ और पुतली दो शब्द एक साथ हुए कठपुतली शब्द बन गया और इससे बोलने में सरलता आ गई। इस प्रकार के कुछ शब्द बनाइए-
जैसे-काठ (कठ) से बना-कठगुलाब, कठफोड़ा
| हाथ-हथ | सोना-सोन | मिट्टी-मट |
बहुविकल्पी प्रश्न
सूरज डूबते ही क्या हुआ?
वृक्ष और सरोवर किस प्रकार दूसरों की भलाई करते हैं?
स्वाधीनता संग्राम के दिनों में अनेक कवियों ने स्वाधीनता को मुखर करने वाली ओजपूर्ण कविताएँ लिखीं। माखनलाल चतुर्वेदी, मैथिलीशरण गुप्त और सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की ऐसी कविताओं की चार-चार पंक्तियाँ इकट्ठा कीजिए जिनमें स्वाधीनता के भावे ओज से मुखर हुए हैं।
मीरा किसकी दीवानी थी?
मीरा को सावन मन भावन क्यों लगने लगा?
नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। बताओ, इस पंक्ति का क्या अर्थ हो सकता है?
दीप बुझे हैं जिन आँखों के,
उन आँखों को ज्ञान मिलेगा।
