English

किसी वस्तु पर 7 N का बल लगता है। मान लीजिए बल की दिशा में विस्थापन 8 m है (चित्र)। मान लीजिए वस्तु के विस्थापन के समय लगातार वस्तु पर बल लगता रहता है। इस स्थिति में किया हुआ कार्य कितना

Advertisements
Advertisements

Question

किसी वस्तु पर 7 N का बल लगता है। मान लीजिए बल की दिशा में विस्थापन 8 m है (चित्र)। मान लीजिए वस्तु के विस्थापन के समय लगातार वस्तु पर बल लगता रहता है। इस स्थिति में किया हुआ कार्य कितना होगा?

Numerical
Advertisements

Solution

जब कोई बल F किसी वस्तु पर कार्य करके उसे उसकी दिशा में S दूरी तक विस्थापित करता है, तो बल द्वारा वस्तु पर किया गया कार्य इस प्रकार दिया जाता है:

किया गया कार्य = बल × विस्थापन

W = F × S

जहाँ,

F = 7 N

S = 8 m

इसलिए, किया गया कार्य, W = 7 × 8

= 56 Nm

= 56 J

shaalaa.com
कार्य
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 10: कार्य और उर्जा - पाठ्य प्रश्न [Page 129]

APPEARS IN

NCERT Vigyaan [Hindi] Class 9
Chapter 10 कार्य और उर्जा
पाठ्य प्रश्न | Q 1. | Page 129

RELATED QUESTIONS

जब किसी वस्तु पर लगने वाला बल इसके विस्थापन की दिशा में हो तो किए गए कार्य का व्यंजक लिखिए।


1 J कार्य को परिभाषित कीजिए।


निम्न क्रियाकलाप को ध्यान से देखिए। अपनी कार्य शब्द की व्याख्या के आधार पर तर्क दीजिए कि इसमें कार्य हो रहा है अथवा नहीं।

सूमा एक तालाब में तैर रही है।


निम्न क्रियाकलाप को ध्यान से देखिए। अपनी कार्य शब्द की व्याख्या के आधार पर तर्क दीजिए कि इसमें कार्य हो रहा है अथवा नहीं।

एक हरे पौधे में प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया हो रही है।


निम्न क्रियाकलाप को ध्यान से देखिए। अपनी कार्य शब्द की व्याख्या के आधार पर तर्क दीजिए कि इसमें कार्य हो रहा है अथवा नहीं।

एक इंजन ट्रेन को खींच रहा है।


निम्न में से प्रत्येक स्थिति में m द्रव्यमान के एक पिंड पर एक बल F लग रहा है। विस्थापन की दिशा पश्चिम से पूर्व की ओर है जो एक लंबे तीर से प्रदर्शित की गई है। चित्रों को ध्यानपूर्वक देखिए और बताइए कि किया गया कार्य ऋणात्मक है, धनात्मक है या शून्य है।


कोई लड़की अपनी पीठ पर 3 kg द्रव्यमान का बस्ता उठाए किसी समतल सड़क पर 300m की दूरी तय करती है। उसके द्वारा गुरुत्वाकर्षण बल के विरुद्ध किया जाने वाला कार्य होगा (g = 10ms-2)


एक लड़का किसी सीधी सड़क पर 5N के घर्षण बल के विरुद्ध गतिमान है। 1.5 km की दूरी चलने के बाद वह 100m त्रिज्या के गोल चक्कर पर सही मार्ग भूल जाता है। परंतु वह उस वृत्ताकार पथ पर डेढ़ चक्कर लगाता है और फिर 2.0 km तक आगे जाता है। उसके द्वारा किया गया कार्य परिकलित कीजिए।


क्या यह संभव है कि कोई पिंड बाह्य बल लगने के कारण त्वरित गति की अवस्था में तो होपरंतु उस पर बल द्वारा कोई कार्य न हो रहा हो। उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।


वृत्ताकार गति में घूमने वाली वस्तु का कार्य शून्य क्यों होता है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×