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किसी साझेदार के सेवानिवृत्ति/मृत्यु के समय फर्म को अपनी परिसंपत्तियों का मूल्यांकन और दायित्वों के दोबारा निर्धारण की आवश्यकता क्यों होती है?

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Question

किसी साझेदार के सेवानिवृत्ति/मृत्यु के समय फर्म को अपनी परिसंपत्तियों का मूल्यांकन और दायित्वों के दोबारा निर्धारण की आवश्यकता क्यों होती है?

Answer in Brief
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Solution

साझेदार की सेवानिवृत्ति या मृत्यु पर कुछ परिसंपत्तियाँ ऐसी हो सकती है जिन्हें उनके वर्तमान मूल्य पर नहीं दर्शाया जाता तथा इसी प्रकार कुछ दायित्वों के मूल्य तथा फर्म द्वारा भुगतान किए जाने वाले मूल्यों में अंतर होता है, इतना ही नहीं यहाँ कुछ ऐसी गैर-अभिलेखित परिसंपत्तियाँ भी होती हैं जिनको पुस्तकों में लाए जाने की आवश्यकता होती है, पुनर्मूल्यांकन खाते को परिसंपत्तियों और दयित्वों के पुनर्मूल्यांकन करने तथा गैर -अभिलेखित मदों को फर्म की पुस्तकों में लाकर अभिलाभ (हानि) की गणना करने के लिए तैयार किया जाता है और इसे सभी साझेदारों के, जिसमें सेवानिवृत्त/मृत साझेदार को उनके पुराने लाभ विभाजन अनुपात में हस्तांतरित कर दिया जाता है।

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सेवानिवृत्त/मृत्त साझेदार को देय राशि का निर्धारण
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Chapter 4: साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदारी की सेवानिवृति/मृत्यु - अभ्यास के लिए प्रश्न [Page 220]

APPEARS IN

NCERT Lekhashastra Alaabhkaari Sansthaye evam Sajhedaari khate [Hindi] Class 12
Chapter 4 साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदारी की सेवानिवृति/मृत्यु
अभ्यास के लिए प्रश्न | Q 4. | Page 220

RELATED QUESTIONS

किन-किन परिस्थितियों में एक साझेदार फर्म से सेवानितृत्त हो सकता है।


एक साझेदार की सेवानिवृत्ति के समय किए जाने वाले विभिन्न समायोजनों का वर्णन कीजिए।


आप मृत साझेदार के देय राशि की गणना किस प्रकार करेंगे।


अपर्णा, मनीषा और सोनिया लाभ का विभाजन 3 : 2 : 1 में करते हुए साझेदार हैं। मनीषा सेवानिवृत्त करती है तथा फर्म की ख्याति का मूल्यांकन 1,80,000 रुपये किया गया। अपर्णा तथा सोनिया भविष्य के लाभों का बँटवारा 3: 2 के अनुपात में करने का निर्णय लेती हैं। आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टियाँ कीजिए।


नरेश, राजकुमार तथा विश्वजीत बराबर के साझेदार हैं। राजकुमार सेवानिवृत्त होने का निर्णय लेता है। सेवानिवृत्ति की तिधि को फर्म का तुलन पत्र इस प्र  इस प्रकार दर्शाया जाता हैः

सामान्य संचय 36,000 रूपये तथा लाभ एवं हानि खाता (नाम) 15,000 रुपये। उपर्युक्त का प्रभाव दर्शाते हुए आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टि का अभिलेखन करें।


पंकज, नरेश तथा सौरभ साझेदार हैं उनका लाभ विभाजन अनुपात 3 : 2 : 1 है। नरेश ने बीमारी के कारण फर्म से सेवानिवृत्ति ली। इस तिथि को फर्म का तुलन पत्र निम्न है:

पंकब, नरेश और सौरम की पुस्तके
31 मार्च, 2017 को तुलन पत्र

दायित्व    राशि
(रु.)
परिसंपत्तियाँ   राशि
(रु.)
सामान्य संचय   12,000 बैक   7,600
विविध लेनदार   15,000 देनदार 6,000

5,600

देय विपत्र   12,000

घटाया: संदिग्ध ऋणो 
के लिए प्रावधान

(400)

बकाया वेतन

  2,200 स्टॉक   9,000
कानूनी हानि के
लिए प्रावधान

 

6,000 फ़र्नीचर    41,000
पूँजी:     परिसर   80,000
पंकज 46,000 96,000      

नरेश

30,000      
सौरभ

20,000

     
 

 

1,43,200     1,43,200

अतिरिक्त सूचनाएँ -

  1. परिसर का मूल्य 20% अधिक हुआ, स्टॉक 10 % से कम हुआ तथा देनदारों पर संदिग्ध ऋण के लिए 5 % का प्रावधान करें। कानून से हानि के लिए 1,200 रुपये का प्रावधान बनाएँ तथा फर्नीचर का मूल्य 45,000 रुपये अधिक हुआ।
  2. फर्म की ख्याति का मूल्यांकन 42,000 रूपये किया गया।
  3. नरेश के पूँजी खाते से 26,000 रूपये का ऋण में हस्तांतरण किया गया तथा शेष का भुगतान बैंक से किया गया। यदि आवश्यक हुआ तो बैंक से ऋण लिया जाएगा।
  4. पंकज तथा सौरभ ने यह निर्णय लिया कि लाभ व हानि के विभाजन का नया अनुपात 5 : 1 होगा। नरेश के सेवानिवृत्त होने के बाद आवश्यक बही खाता तथा तुलन पत्र तैयार करें।

31 मार्च, 2020 को प्रतीक, रॉकी तथा कुशल का तुलन पत्र निम्न प्रकार है:

 प्रतिक, रॉकी और कुशल की पुस्तकें
31 मार्च, 2020 को तुलन पत्र
दायित्व    राशि
(रु.)
परिसंपत्तियाँ राशि
(रु.)
विविध लेनदार   16,000 प्राप्त विपत्र 16,000
सामान्य संचय   16,000 फ़र्नीचर 22,600
पूँजी खाते:     स्टॉक 20,400
प्रतिक 30,000 70,000 विविध देनदार 22,000
रॉकी 20,000 बैंकस्थ रोकड़  18,000
कुशल 20,000 हस्तस्थ रोकड़ 3,000
    1,02,000   1,02,000

30 जून, 2020 को रॉकी की मृत्यु हो गई। साझेदारी संलेख की शर्तों के अनुसार, मृत साझेदार का उत्तराधिकारी निम्न का अधिकारी होगा:

(अ) साझेदार के पूँजी खाते के नाम शेष का।

(ब) पूँजी पर 5 % प्रतिवर्ष ब्याज का।

(स) गत तीन वर्षों के औसत लाभ के दोगुने के आधार पर ख्यांति में भाग।

(द) गत वर्ष के लाभ के आधार पर गत वित्तीय वर्ष की समाप्ति से मृत्यु की तिथि तक लाभ में भाग। 31 मार्च, 2018, 31 मार्च, 2019 तथा 31 मार्च, 2020 को समाप्त वर्ष के लाभ क्रमश: 12,000 रुपये, 16,000 रूपये, तथा 14,000 रूपये है। लाभ का विभाजन पूँजी अनुपात में किया जाएगा।
आवश्यक रोजनामचा प्रविष्टियाँ दे तथा रॉकी का पूँजी खाता बनाए जो कि उसके उत्तराधिकारी को दिया जाएगा।


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