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किसी नाभिक से β+ (पॉजिट्रॉन) उत्सर्जन की एक अन्य प्रतियोगी प्रक्रिया है जिसे इलेक्ट्रॉन परिग्रहण (Capture) कहते हैं (इसमें परमाणु की आंतरिक कक्षा, जैसे कि K-कक्षा, से नाभिक एक इलेक्ट्रॉन परिगृहीत - Physics (भौतिक विज्ञान)

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Question

किसी नाभिक से β+ (पॉजिट्रॉन) उत्सर्जन की एक अन्य प्रतियोगी प्रक्रिया है जिसे इलेक्ट्रॉन परिग्रहण (Capture) कहते हैं (इसमें परमाणु की आंतरिक कक्षा, जैसे कि K-कक्षा, से नाभिक एक इलेक्ट्रॉन परिगृहीत कर लेता है और एक न्यूट्रिनो, ν उत्सर्जित करता है)।

\[\ce{e^+ + _Z^AX -> _{Z-1}^AY + \text{v}}\]

दर्शाइए कि यदि β+ उत्सर्जन ऊर्जा विचार से अनुमत है तो इलेक्ट्रॉन परिग्रहण भी आवश्यक रूप से अनुमत है, परन्तु इसका विलोम अनुमत नहीं है।

Numerical
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Solution

पॉजिट्टॉन उत्सर्जन की अभिक्रिया का समीकरण निम्नलिखित है

\[\ce{_Z^AX -> _{Z-1}^AY + _1^0e + \text{v} + Q_1}\]     ....(1)

जबकि इलेक्ट्रॉन परिग्रहण की अभिक्रिया का समीकरण निम्नलिखित है -

\[\ce{_{-1}^0e + _Z^AX -> _{Z - 1}^A Y + \text{v} + Q_2}\]      ...(2)

अभिक्रिया (1) का Q-मान

`"Q"_1 = ["m"_"N"(""_Z^"A""X") - "m"_"N"(""_("Z - 1")^"A""Y") - "m"_"e"]"c"^2`

`= [{"m" (""_"Z"^"A""X") - "Zm"_"e"} - {"m" ""_("Z - 1")^"A""Y" - ("Z - 1")"m"_"e"}]"c"^2`

या `"Q"_1 = ["m"(""_"Z"^"A""X") - "m"(""_("Z - 1")^"A""Y") - 2"m"_"e"]"c"^2`        ....(3)

तथा अभिक्रिया (2) के लिए,

`"Q"_2 = ["m"_"e" + "m"_"N"(""_"Z"^"A""X") - "m"_"N" (""_("Z - 1")^"A""Y")]"c"^2`

`= ["m"_"e" + {"m"(""_"Z"^"A" X) - "Zm"_"e"} - {"m" (""_("Z - 1")^"A""Y") - ("Z - 1")"m"_"e"}]"c"^2`

`= ["m"(""_"Z"^"A" X) - "m""m" (""_("Z - 1")^"A""Y")]"c"^2`

या `"Q"_2 = ["m"(""_"Z"^"A" X) - "m"(""_("Z - 1")^"A""Y") - "2m"_"e"] "c"^2 + 2"m"_"e""c"^2`

या Q2 = Q1 + 2mec2     ....(4) 

समीकरण (3) व (4) से स्पष्ट है। यदि पॉजिट्रॉन उत्सर्जन [अभिक्रिया (1)] ऊर्जा दृष्टि से अनुमत है तो इस अभिक्रिया का Q-मान अर्थात

Q1 धनात्मक होगी।

अर्थात Q1 > 0

Q2 > Q1 अतः Q1 > 0 ⇒ Q1 > 0

अर्थात तब अभिक्रिया (2) का - मान भी धनात्मक होगा अर्थात् ऊर्जा दृष्टि से इलेक्ट्रॉन परिग्रहण भी अनुमत है।
अब इस अभिक्रिया के विलोम पर विचार कीजिए,
स्पष्ट है कि इस अभिक्रिया का Q-मान – Q2 के बराबर होगा।

∴ Q2> 0; अतः Q3 =-Q2 < 0

∵ इस अभिक्रिया का 2-मान ऋणात्मक है; अतः यह अभिक्रिया ऊर्जा दृष्टि से अनुमत नहीं है।

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नाभिकीय ऊर्जा - नाभिकीय संलयन - तारों में ऊर्जा जनन
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