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Question
किसी एक पसंदीदा कविता के आशय का शाब्दिक तथा अंतर्निहित अर्थ का आकलन करते हुए वाचन करो और केंद्रीय भाव लिखो।
Activity
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Solution
कविता: अगर तुम ठान लो (लेखक: डॉ. हरिवंश राय बच्चन)
पंक्तियाँ:
"लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।"
अर्थ: यदि कोई नाविक लहरों से डर जाएगा, तो वह कभी भी नदी पार नहीं कर पाएगा। इसी प्रकार, जो लोग निरंतर प्रयास करते हैं, वे कभी हार नहीं मानते।
यह कविता हमें सिखाती है कि जीवन की कठिनाइयाँ और संघर्ष केवल अस्थायी होते हैं। यदि हम हिम्मत न हारें और लगातार प्रयास करते रहें, तो सफलता निश्चित है। डर और असफलता से घबराना नहीं चाहिए।
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