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खुली बेरोजगारी एवं प्रच्छन्न बेरोजगारी के बीच विभेद कीजिए। - Social Science (सामाजिक विज्ञान)

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Question

खुली बेरोजगारी एवं प्रच्छन्न बेरोजगारी के बीच विभेद कीजिए।

Answer in Brief
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Solution

  • खुली बेरोजगारी- वह परिस्थिति जिसमें किसी देश में श्रम शक्ति तो अधिक होती है किंतु औद्योगिक ढाँचा छोटा होता है, वह सारी श्रम शक्ति को नहीं खपा पाता अर्थात् श्रमिक काम करना चाहता है किंतु उसे काम नहीं मिलता। यह बेरोजगारी भारत के अधिकतर औद्योगिक क्षेत्र में पाई जाती है।
  • प्रच्छन्न या गुप्त बेरोजगारी- वह परिस्थिति जिसमें व्यक्ति काम में लगे हुए दिखाई देते हैं किंतु वास्तव में वे बेरोजगार होते हैं। जैसे-भूमि के टुकड़े पर आठ लोग काम कर रहे हैं किंतु उत्पादन उतना ही हो रहा है जितना पाँच लोगों के काम करने से होता है। ऐसे में तीन अतिरिक्त व्यक्ति जो काम में लगे हैं वह छुपे हुए बेरोजगार हैं क्योंकि उनके काम से उत्पादन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
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भारत में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रक
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Chapter 2: भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक - अभ्यास [Page 36]

APPEARS IN

NCERT Samajik Vigyaan Aarthik Vikas ki Samajh [Hindi] Class 10
Chapter 2 भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक
अभ्यास | Q 11. | Page 36
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