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कहानी में बच्चे ने सोचा था कि “ठाठ से साफ-सुथरे बिस्तर पर लेटे रहो और साबूदाने की खीर खाते रहो।” आपको क्या लगता है, असल में बीमार हो जाने और इस बच्चे की सोच में कौन-कौन से

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Question

कहानी में बच्चे ने सोचा था कि “ठाठ से साफ-सुथरे बिस्तर पर लेटे रहो और साबूदाने की खीर खाते रहो।” आपको क्या लगता है, असल में बीमार हो जाने और इस बच्चे की सोच में कौन-कौन से अंतर होंगे?

(संकेत– आप अपने अनुभवों के आधार पर इस प्रश्न पर विचार कर सकते हैं कि कहानी वाले बच्चे की कल्पना वास्तविकता से कितनी अलग है।)

Distinguish Between
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Solution

  • बच्चे की कल्पना में बीमारी ठाठ और मजेदार थी, पर असल में बीमारी में शरीर दुखता है, कमजोरी और बेचैनी होती है।
  • खीर की जगह उसे कड़वी पुड़िया खानी पड़ी और काढ़े जैसी चाय पीनी पड़ी।
  • खीर माँगने की उम्मीद के उलट उसे पूरे दिन भूखा रहना पड़ा।
  • दोस्तों, खेल और गली की चहल-पहल से दूरी की बोरियत सताती रही और वह रुआँसा हो गया।
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Chapter 5: नहीं होना बीमार - पाठ से [Page 64]

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NCERT Hindi Malhar Class 7
Chapter 5 नहीं होना बीमार
पाठ से | Q (घ) 2. | Page 64
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