English

कनक छोटे-छोटे शंखों की मालाएँ बनाकर क्यों बेचती थी?

Advertisements
Advertisements

Question

कनक छोटे-छोटे शंखों की मालाएँ बनाकर क्यों बेचती थी?

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

कनक अपनी माताजी का हाथ बाँटने के लिए शंख की मालाएँ बनाकर बेचती थी। उसके पिता की मृत्यु हो चुकी थी और माताजी मछलियाँ बेचकर घर चलाती थी। मछलियाँ बेचने से उन्हें अधिक आय नहीं होती थी। कनक शंख मालाएँ बनाकर तथा उन्हें बेचकर उनकी सहायता करने का प्रयास करती थी।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 7)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 2: सबसे सुंदर लड़की - अभ्यास [Page 9]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Durva Part 2 Class 7
Chapter 2 सबसे सुंदर लड़की
अभ्यास | Q 2. ग | Page 9

RELATED QUESTIONS

कौआ पहले कहाँ बना था?


बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर

लेखक ने किन्हें दूर से देखा था?


दूर से देखने पर नदियाँ लेखक को कैसी लगती थीं?


नदियों की धाराओं में डुबकियाँ लगाना लेखक को कैसा लगता था?


इस पाठ से हमें क्या संदेश मिलता है?


 कहानी के इस वाक्य पर ध्यान दो-

“इतने में उसे एक बड़ा भारी गुब्बारा दिखाई दिया” तुम्हें क्या लगता है कि गुब्बारा भारी होता है? लेखक ने उसे भारी क्यों कहा है?


पढ़ो और समझो

शांति + प्रिय = शांतिप्रिय


तुमने इस एकाँकी को अच्छी तरह से अवश्य समझ लिया होगा। अब इस पाठ के आधार पर स्वयं कुछ प्रश्न बनाकर लिखो। उनके उत्तर भी लिखो। यदि तुम चाहो तो उत्तर देने के लिए अपने साथी से प्रश्नों की अदला-बदली भी कर सकते हो।


अनुमान लगाइए कि जिस समय बच्ची को चोर ने उठाया होगा वह किस स्थिति में होगी? क्या वह पार्क/ दान में खेल रही होगी या घर से रूठकर भाग गई होगी या कोई अन्य कारण होगा?


शरीर-रचना का चित्र देखकर उसमें रक्त-संचार क्रिया को ठीक-ठीक समझिए।


माधवदास के बार-बार समझाने पर भी चिड़िया सोने के पिंजरे और सुख-सुविधाओं को कोई महत्त्व नहीं दे रही थी। दूसरी तरफ़ माधवदास की नज़र में चिड़िया की ज़िद का कोई तुक न था। माधवदास और चिड़िया के मनोभावों के अंतर क्या-क्या थे? अपने शब्दों में लिखिए।


बहुविकल्पी प्रश्न

शाम के वातावरण में क्या-क्या परिवर्तन हो जाता है


पाठ में ‘ठिठियाकर हँसने लगी’, ‘पीछे से धकियाने लगी’ जैसे वाक्य आए हैं। ठिठियाकर हँसने के मतलब का आप अवश्य अनुमान लगा सकते हैं। ठी-ठी-ठी हँसना या ठठा मारकर हँसना बोलचाल में प्रयोग होता है। इनमें हँसने की ध्वनि के एक खास अंदाज को हँसी का विशेषण बना दिया गया है। साथ ही ठिठियाना और धकियाना शब्द में ‘आना’ प्रत्यय का प्रयोग हुआ है। इस प्रत्यय से फ़िल्माना शब्द भी बन जाता है। ‘आना’ प्रत्यय से बननेवाले चार सार्थक शब्द लिखिए।


बहुविकल्पी प्रश्न

यासुकी-चान को क्या रोग था?


घर से बातचीत करके पता कीजिए कि आपके घर में क्या चीजें पकती हैं और क्या चीजें बनी-बनाई बाज़ार से आती हैं। इनमें से बाज़ार से आनेवाली कौन-सी चीजें आपके-माँ-पिता जी के बचपन में घर में बनती थीं?


छौंक, चावल, कढ़ी इन शब्दों में क्या अंतर है? समझाइए। इन्हें बनाने के तरीके विभिन्न प्रांतों में अलग-अलग हैं। पता करें कि आपके प्रांत में इन्हें कैसे बनाया जाता है।


बहुविकल्पी प्रश्न
‘खानपान की बदलती तसवीर’ नामक पाठ के लेखक के नाम बताएँ।


कुब्जा के जीवन का अंत कैसे हुआ?


सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता ‘झाँसी की रानी’ में किन-किन स्वतंत्रता सेनानियों के नाम आए हैं?


नीचे लिखा वाक्य पढ़ो। उसमें इस्तेमाल हुए मुहावरे को अपने ढंग से इस्तेमाल करके कुछ और वाक्य बनाओ।

ऐसा लगा जैसे किसी ने चीते का खून चूस लिया हो।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×