English

कहानी के अंत में नन्ही चिड़िया का सेठ के नौकर के पंजे से भाग निकलने की बात पढ़कर तुम्हें कैसा लगा? चालीस-पचास या इससे कुछ अधिक शब्दों में अपनी प्रतिक्रिया लिखिए। - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

Question

कहानी के अंत में नन्ही चिड़िया का सेठ के नौकर के पंजे से भाग निकलने की बात पढ़कर तुम्हें कैसा लगा? चालीस-पचास या इससे कुछ अधिक शब्दों में अपनी प्रतिक्रिया लिखिए।

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

कहानी के अंत में हमने पढ़ा कि सेठ की सभी चेष्टाओं के बावजूद नन्ही चिड़िया सेठ के नौकर के पंजे से भाग निकलने में सफल होती है। यह कहानी का सुखद अंत है। यदि ऐसा नहीं होता तो कहानी का अंत अत्यंत दुखद होता और ऐसा प्रतीत होता है कि अच्छाई पर बुराई की जीत हो गई। परन्तु वास्तव में ऐसा नहीं होता और चिड़िया सुरक्षित अपनी माँ के पास पहुँच जाती है। चिड़िया के अस्तित्व की सफलता उसके बंधन मुक्त होकर स्वच्छंदता पूर्वक आकाश में उड़ने में है। वह अपने परिवार तथा अपनी माँ का स्नेह पाकर खुश रहती है।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 7)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 9: चिड़िया की बच्ची - कहानी से [Page 73]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vasant Part 2 Class 7
Chapter 9 चिड़िया की बच्ची
कहानी से | Q 4 | Page 73

RELATED QUESTIONS

बहुविकल्पी प्रश्न

स्टेशन से अतिथि और सामान को लाने के लिए किस साधन का प्रयोग करने की बात हो रही थी?


डॉक्टर ने दिव्या की जाँच करके क्या कहा?


स्वस्थ रहने के लिए हमें क्या-क्या उपाय करना चाहिए?


महाभारत में एक ही व्यक्ति के एक से अधिक नाम दिए गए हैं। बताओ, नीचे लिखे हुए नाम किसके हैं?

पृथा राधेय वासुदेव
गांगेय सैरंध्री कंक

लाख के भवन से बचने के लिए विदुर ने युधिष्ठर को सांकेतिक भाषा में सीख दी थी। आजकल गुप्त भाषा का इस्तेमाल कहाँ-कहाँ होता होगा? तुम भी अपने दोस्तों के साथ मिलकर अपनी गुप्त भाषा बना सकते हो। इस भाषा को केवल वही समझ सकेगा, जिसे तुम यह भाषा सिखाओगे। ऐसी ही एक भाषा बनाकर अपने दोस्त को एक संदेश लिखो।


महाभारत कथा में तुम्हें जो कोई प्रसंग बहुत अच्छा लगा हो, उसके बारे में लिखो। यह भी बताओ कि वह प्रसंग तुम्हें अच्छा क्यों लगा?


वर्षों तक इस प्रकार यात्रा होती रही।

वर्षों तक इस प्रकार यात्रा होती ही रही।

नीचे लिखे वाक्यों में सही जगह पर ‘ही’ लगाकर बोलो-

(क) सुधा सुबह तक पढ़ती रही।

(ख) यह पंखा हमेशा आवाज़ करता रहता है।

(ग) गारो लोगों का खानाबदोश जीवन कई सालों तक चलता रहा।

(घ) सुशील थककर सो गया।

(ङ) दो घंटे बाद बस चल पड़ी।


सही शब्द भरो।

कागज़ ही जलता है, ______ तो उड़ जाते हैं।


काबुलीवाला हमेशा पैसे क्यों लौटा देता था?


नीचे पाठ में से चुनकर कुछ शब्द दिए गए हैं। तुम इनका प्रयोग अपने ढ़ग के वाक्य बनाने में करो।

(क) हरे-भरे

(ख) उमड़-घुमड़

(ग) एक-दूसरे

(घ) धीरे-धीरे

(ङ) टप-टप

(च) फटी-पुरानी


इन वाक्य को पढ़ो और इसे प्रश्नवाचक वाक्य में बदलो।

आकाश में अँधेरा छाया हुआ था।


नमूना: चिंता- चिंतित

  • जीवन-
  • पीड़ा-
  • उपेक्षा-
  • सुरक्षा-
  • पराजय-

आपने इस कहानी में महीनों के नाम पढ़े, जैसे-क्वार, आषाढ़, माघ। इन महीनों में मौसम कैसा रहता है, लिखिए।


बोलचाल में प्रयोग होने वाले शब्द और वाक्यांश 'दादी माँ' कहानी में हैं। इन शब्दों और वाक्यांशो से पता चलता है कि यह कहानी किसी विशेष क्षेत्र से संबंधित है। ऐसे शब्दों और वाक्यांशो में क्षेत्रीय बोलचाल की खूबियाँ होती हैं। उदाहरण के लिए-निकसार, बरह्मा, उरिन, चिउड़ा, छौंका इत्यादि शब्दों को देखा जा सकता है। इन शब्दों का उच्चारण अन्य क्षेत्रीय बोलयों में अलग ढंग से होता है, जैसे-चिउड़ा को चिड़वा, चूड़त्र, पोहा और इसी तरह छौंका को छौंक, तड़का भी कहा जाता है। निकसार, उरिन और बरह्मा शब्द क्रमश: निकास, उऋण और ब्रह्मा शब्द का क्षेत्रीय रूप हैं। इस प्रकार के दस शब्दों को बोलचाल में उपयोग होनेवाली भाषा/बोली से एकत्र कीजिए और कक्षा में लिखकर दिखाइए।


पाठ में पर शब्द के तीन प्रकार के प्रयोग हुए हैं-

(क) गुलाब की डाली पर एक चिड़िया आन बैठी।

(ख) कभी पर हिलाती थी।

(ग) पर बच्ची काँप-काँपकर माँ की छाती से और चिपक गई।

तीनों 'पर' के प्रयोग तीन उद्देश्यों से हुए हैं। इन वाक्यों का आधार लेकर आप भी 'पर' का प्रयोग कर ऐसे तीन वाक्य बनाइए जिनमें अलग-अलग उद्देश्यों के लिए 'पर' के प्रयोग हुए हों।


बहुविकल्पी प्रश्न

यासुकी-चान को क्या रोग था?


क्या आपको कंचे अच्छे लगते हैं? क्या आप उनसे कभी खेले हैं?


बहुविकल्पी प्रश्न
ढाबा संस्कृति कहाँ तक फैल चुकी है?


बहुविकल्पी प्रश्न

लेखिका को क्या ज्ञात नहीं हो पाया?


बहुविकल्पी प्रश्न

इस पाठ में किस स्थान पर 1857 में भीषण विद्रोह नहीं हुआ था।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×