Advertisements
Advertisements
Question
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
इस पाठ के लेखक कौन हैं?
Options
भवानीप्रसाद मिश्र
भगवतीप्रसाद मिश्र
भगवतीप्रसाद वाजपेयी
यतीश अग्रवाल
Advertisements
Solution
यतीश अग्रवाल
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
“दादी माँ’ कहानी से आपको क्या प्रेरणा मिलती है?
हिमालय से निकलने वाली प्रमुख नदियों के नाम लिखिए तथा बताइए कि लेखक ने उनके अस्तित्व के विषय में क्या विचार किया है?
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
पेट में पाए जाने वाले कीड़े किस बीमारी का कारण बनते हैं?
कनक छोटे-छोटे शंखों की मालाएँ बनाकर क्यों बेचती थी?
तुमने पुस्तक में पढ़ा कि महाभारत कथा कंठस्थ करके सुनाई जाती रही है। कंठस्थ कराने की क्रिया उस समय इतनी महत्वपूर्ण क्यों रही होगी? तुम्हारी समझ से आज के ज़माने में कंठस्थ करने की आदत कितनी उचित है?
हर्ष का पिता समुद्र के किनारे रहता था। वह तरह-तरह के खिलौने एवं मालाएँ तैयार कर पास के बड़े नगर में बेच आता था। तुम अपने आस-पास के कुछ ऐसे ही लोगों के बारे में जानकारी प्राप्त करो। वे किन-किन चीजों से क्या-क्या बनाते हैं?
पढ़ो और समझो
जन + जाति = जनजाति
इन वाक्य को पढ़ो और इसे प्रश्नवाचक वाक्य में बदलो।
उसने एक जल-प्रपात का रुप धारण कर लिया।
पता करो भारत में मैग्सेसे पुरस्कार किन-किन व्यक्तियों को मिला है।
पेड़ और खंभे में दोस्ती कैसे हुई?
मिठाईवाला अलग-अलग चीज़ें क्यों बेचता था और वह महीनों बाद क्यों आता था?
मिठाईवाले के परिवार के साथ क्या हुआ होगा? सोचिए और इस आधर पर एक और कहानी बनाइए?
“वे भी, जान पड़ता है, पार्क में खेलने निकल गए हैं।”
“क्यों भई, किस तरह देते हो मुरली?”
“दादी, चुन्नू-मुन्नू के लिए मिठाई लेनी है। जरा कमरे में चलकर ठहराओ।”
• भाषा के ये प्रयोग आजकल पढ़ने-सुनने में नहीं आते। आप ये बातें कैसे कहेंगे?
हम अकसर बहादुरी के बड़े-बड़े कारनामों के बारे में सुनते रहते हैं, लेकिन ‘अपूर्व अनुभव’, कहानी एक मामूली बहादुरी और जोखिम की ओर हमारा ध्यान खींचती है। यदि आपको अपने आसपास के संसार में कोई रोमांचकारी अनुभव प्राप्त करना हो तो कैसे प्राप्त करेंगे?
धनराज पिल्लै ने ज़मीन से उठकर आसमान का सितारा बनने तक की यात्रा तय की है। लगभग सौ शब्दों में इस सफ़र का वर्णन कीजिए।
स्थानीय व्यंजनों का पुनरुद्धार क्यों ज़रूरी है?
यह पाठ एक ‘रेखाचित्र’ है। रेखाचित्र की क्या-क्या विशेषताएँ होती हैं? जानकारी प्राप्त कीजिए और लेखिका के लिखे किसी अन्य रेखाचित्र को पढ़िए।
निबंध में आपने ये पंक्तियाँ पढ़ी हैं-मैं अपने शाल में लपेटकर उसे संगम ले गई। जब गंगा के बीच धार में उसे प्रवाहित किया गया तब उसके पंखों की चंद्रिकाओं से बिंबित प्रतिबिंबित होकर गंगा को चौड़ा पाट एक विशाल मयूर के समान तरंगित हो उठा।’ -इन पंक्तियों में एक भावचित्र है। इसके आधार पर कल्पना कीजिए और लिखिए मोर पंख की चंद्रिका और गंगा की लहरों में क्या-क्या समानताएँ लेखिका ने देखी होगी जिसके कारण गंगा का चौड़ा पाट एक विशाल मयूर पंख के समान तरंगित हो उठा।
बहुविकल्पी प्रश्न
शुरुआत में शावकों ने दिन कैसे व्यतीत किया?
अपने प्राणों के बलिदान का अवसर आ गया है। इस वाक्य में "प्राणों का बलिदान देना" मुहावरे का प्रयोग हुआ है।
नीचे मुहावरा दिया गया हैं। इसका अपने वाक्य में प्रयोग करो।
निढाल होना
