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Question
कारण लिखिए।
हाइड्रोनियम आयन सदैव H3O+ स्वरूप में होते हैं।
Short/Brief Note
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Solution
एक अम्ल की ताकत, उसके जलीय विलयन के आयनीकरण के आधार पर निर्धारित की जाती है। अगर किसी अम्ल का जलीय विलयन बहुत सारे H+ आयन प्रदान करता है, तो हम उसे 'प्रबल अम्ल' (Strong acid) कहते हैं।
हाइड्रोजन के इन आयनों (H+) का स्वतंत्र अस्तित्व नहीं होता, उन्होंने हमेशा जल के साथ जाकर हाइड्रोनियम आयनों (H3O+) के रूप में ही अपनी मौजूदगी दिखाई हैं।
\[\ce{HCl -> H+ + Cl-}\]
\[\ce{\underset{{पानी}}{H2O} + H+ -> \underset{{हाइड्रोनियम आयन}}{H3O+}}\]
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अम्ल का वर्गीकरण
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