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Question
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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काले घने पर छोटे कटे हुए बाल, चौड़ा मुख, चौड़ा माथा, घनी भूकुटियों के नीचे बड़ी आँखें, मुख के अनुपात में कुछ भारी नाक, कुछ गोलाई लिए चौड़ी ठुड्डी, कुछ मोटे पर सुडौल ओंठ, श्यामल झाँई देता हुआ गेहुआँ वर्ण, बड़ी-बड़ी ग्रामीणों जैसी मूँछें जो ऊपर के ओंठ को ही नहीं ढँक लेती थीं, नीचे के ओंठ पर भी रोमिल आवरण डाले हुए थीं। हाथ, पैर, शरीर सबमें लंबाई की ऐसी विशेषता थी जो दृष्टि को अनायास आकर्षित कर लेती थी। |
- विशेषताएँ लिखिए: (2)
- निम्न शब्दों के लिए गद्यांश में उल्लेखित विलोम शब्द लिखिए: (1)
- ऊपर × ------------------
- बड़े × -------------------
- गद्यांश से ‘ई’ प्रत्यययुक्त शब्दों का चयन कीजिए: (1)

- निम्न शब्दों के लिए गद्यांश में उल्लेखित विलोम शब्द लिखिए: (1)
- ‘सादगी का महत्त्व’ विषय पर 25 से 30 शब्दों पर अपने विचार लिखिए।
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Solution

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- ऊपर × नीचे
- बड़े × छोटे

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- सादगी का मतलब होता है सरलता, जिसमें किसी तरह का दिखावा या बनावटीपन न हो। यह गुण व्यक्ति की वेशभूषा, बोलचाल, विचारों, व्यवहार और जीवनशैली में साफ नज़र आता है। सादगी एक उत्तम गुण है, जो पुराने समय के ऋषि-मुनियों, साधु-संतों और महान व्यक्तियों में देखा गया है। आधुनिक युग में महात्मा गांधी, विनोबा भावे, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, लाल बहादुर शास्त्री और स्वामी विवेकानंद जैसे महान लोग सादगी के प्रतीक रहे हैं। उनके विचार, कर्म और व्यवहार में सादगी झलकती थी। ऐसे लोग अक्सर मितव्ययी, ईमानदार, सदाचारी और संतोषी होते हैं। जीवन में सादगी का अपना विशेष महत्त्व है, जो इंसान को सच्चे अर्थों में महान बनाता है।
