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Question
जीवन में स्वच्छंदता कैसे हानिकारक हो सकती है, इसके बारे में सुनिए और बताइए।
Very Long Answer
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Solution
जीवन में स्वच्छंदता का अर्थ होता है, बिना किसी नियम, मर्यादा या अनुशासन के अपनी मनमर्जी से जीना। स्वतंत्रता और स्वच्छंदता में बहुत बारीक अंतर होता है। स्वतंत्रता हमें अधिकार देती है, लेकिन स्वच्छंदता हमें लापरवाह बना देती है।
जीवन में स्वच्छंदता निम्नलिखित कारणों से हानिकारक हो सकती है:
- अनुशासन का अभाव: जब व्यक्ति स्वच्छंद हो जाता है, तो वह किसी भी नियम या समय सारणी का पालन नहीं करता। इसके कारण उसका दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है, जिससे वह अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में असफल रहता है।
- नैतिक और सामाजिक पतन: स्वच्छंद व्यक्ति केवल अपने क्षणिक सुख के बारे में सोचता है। वह समाज के नियमों, बड़ों के आदर और अपनी जिम्मेदारियों को भूल जाता है। इससे समाज में उसकी प्रतिष्ठा कम होती है और लोग उससे दूरी बना लेते हैं।
- गलत संगति और व्यसन: बिना किसी रोक-टोक या मार्गदर्शन के जीने से व्यक्ति अक्सर गलत रास्ते पर भटक जाता है। स्वच्छंदता के कारण युवा वर्ग बुरी आदतों, जैसे - नशा, जुआ या अन्य अपराधों की ओर आसानी से आकर्षित हो जाता है।
- स्वास्थ्य का नुकसान: खाने-पीने, सोने और जागने में स्वच्छंदता बरतने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ता है। अनियमित जीवनशैली कई गंभीर बीमारियों को आमंत्रण देती है।
- रिश्तों में दरार: एक स्वच्छंद व्यक्ति केवल अपनी इच्छाओं को सर्वोपरि रखता है। वह परिवार और मित्रों की भावनाओं या जरूरतों का सम्मान नहीं करता, जिससे आपसी रिश्तों में कड़वाहट और अलगाव पैदा हो जाता है।
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