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Question
जिम्नोस्पर्म के महत्त्वपूर्ण अभिलक्षणों का वर्णन करो।
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Solution
जिम्नोस्पर्म के महत्वपूर्ण अभिलक्षण ये सामान्यत: ‘नग्नबीजी पौधे’ कहलाते हैं। इनके मुख्य अभिलक्षण निम्नलिखित हैं -
जिम्नोस्पर्म की महत्वपूर्ण विशेषताएं:
- जिम्नोस्पर्म शब्द नग्न बीजों वाले पौधों को संदर्भित करता है (जिमनोस - नग्न, स्पर्मा - बीज), यानी, इन पौधों के बीज फलों में संलग्न नहीं होते हैं।
- पौधे का आकार मध्यम से लेकर ऊंचे पेड़ों और झाड़ियों तक होता है। विशाल रेडवुड पेड़ सिकोइया दुनिया के सबसे ऊंचे पेड़ों में से एक है।
- जड़ प्रणाली में मूसला जड़ें होती हैं। साइकस में मौजूद कोरलॉइड जड़ें नाइट्रोजन-फिक्सिंग साइनोबैक्टीरिया से जुड़ी होती हैं।
- तना शाखित हो सकता है (जैसा कि पाइनस और सेड्रस में) या बिना शाखा वाला (जैसा कि साइकस में)।
- पत्तियाँ सरल (पाइनस में) या मिश्रित (साइकास में पिननेट) हो सकती हैं। पत्तियाँ सुई जैसी होती हैं, जिनमें मोटी छल्ली और धँसा हुआ रंध्र होता है। ये पानी की कमी को रोकने में मदद करते हैं।
- जिम्नोस्पर्म विषमबीजाणु होते हैं। वे दो प्रकार के बीजाणु धारण करते हैं - माइक्रोस्पोर और मेगास्पोर।
- फूल अनुपस्थित हैं। माइक्रोस्पोरोफिल और मेगास्पोरोफिल को सघन नर और मादा शंकु बनाने के लिए व्यवस्थित किया जाता है।
- परागण अधिकतर हवा के माध्यम से होता है और परागकण माइक्रोपाइल के माध्यम से बीजांड के पराग कक्ष तक पहुँचते हैं।
- नर और मादा गैमेटोफाइट स्पोरोफाइट पर निर्भर होते हैं।
- बीजों में अगुणित भ्रूणपोष होते हैं और वे खुले रहते हैं।
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जिम्नोस्पर्म तथा एंजियोस्पर्म दोनों में बीज होते हैं, फिर भी उनका वर्गीकरण अलग-अलग क्यों है?
विषम बीजाणुकता की सार्थकता पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उदाहरण सहित निम्नलिखित शब्दावली का संक्षिप्त वर्णन करो:
बीजाणुपर्ण
जिम्नोस्पर्म और एंजियोस्पर्म एक-दूसरे से किस प्रकार भिन्न हैं?
निम्नलिखित में से कौन बीज उत्पन्न करता है?
कॉलम (A) की मदों का कॉलम (B) की मदों से मिलान कीजिए -
| (A) | (B) | ||
| (a) | अनावृत बीज | (i) | एंजियोस्पर्म |
| (b) | आवृत बीज | (ii) | जिम्नोस्पर्म |
| (c) | कशाभ (फ्लेजेला) | (iii) | ब्रायोफाइटा |
| (d) | मारकेंशिया | (iv) | यूग्लीना |
| (e) | मारसीलिया | (v) | थैलोफाइटा |
| (f) | क्लेडोफोरा | (vi) | टैरिडोफाइटा |
| (g) | पेनिसिलियम | (vii) | फंजाई (कवक) |
थैलोफाइटा, ब्रायोफाइटा एवं टेरिडोफाइटा, 'क्रिप्टोगैम' कहलाते हैं। जिम्नोस्पर्म एवं एंजियोस्पर्म, 'फैनेरोगैम' कहलाते हैं। चर्चा कीजिए, क्यों? जिम्नोस्पर्म का एक उदाहरण देते हुए आरेख बनाइए।
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______ वनस्पति में प्रजनन के नर व मादा अंगक एक ही वृक्ष के अलग-अलग बीजाणुपत्र पर पाए जाते हैं।
