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Question
'जहाँ चाह, वहाँ राह' शीर्षक पर लगभर 100 शब्दों में एक लघुकथा लिखिए।
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Solution
जहाँ चाह, वहाँ राह
एक बार एक औसत छात्र नामक आमिर था, जो हर परीक्षा में सिर्फ पास होने का नंबर ही प्राप्त करता था। लेकिन उसकी इच्छा डॉक्टर बनने की थी। उसके दोस्त उसकी आकांक्षा पर हमेशा हँसते हुए कहते थे की सिर्फ अच्छे छात्र ही डॉक्टर बन सकते हैं। ये बात उसे दुखी करती थी, लेकिन वो कभी उस बात पर निराश नहीं हुआ। वह हमेशा सकारात्मक भावना रखता था। यह ऐसा चलता रहा वर्षों तक, लेकिन आमिर ने डॉक्टर बनने की आकांक्षा कभी खत्म नहीं होने दी। एक दिन, टीवी शो में उसने एक शिक्षक के द्वारा कहे गए शब्द से प्रेरणा पाई। उस दिन से वह निरंतर मेहनत करने लगा। अब उसके पास एक स्पष्ट लक्ष्य था, वह डॉक्टर बनने के लिए तैयार था। उसने सभी आलोचनाओं को सकारात्मक दृष्टी में बदला और डॉक्टर बनने के लिए संकल्पित रहा। उसकी लगन और मेहनत ने उसे उच्चतम सफलता तक पहुँचा दिया। इससे साबित हुआ कि "जहाँ चाह, वहाँ राह" वास्तव में सच है।
