English

जब एक चाक को स्याही में डुबोया जाता है तो निम्नलिखित में से कौन-सी परिघटनाएँ होती हैं? (i) रंगीन पदार्थ का अधिशोषण (ii) विलायक का अधिशोषण (iii) विलायक का अधिशोषण और अवशोषण दोनों - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

जब एक चाक को स्याही में डुबोया जाता है तो निम्नलिखित में से कौन-सी परिघटनाएँ होती हैं?

(i) रंगीन पदार्थ का अधिशोषण

(ii) विलायक का अधिशोषण

(iii) विलायक का अधिशोषण और अवशोषण दोनों

(iv) विलायक का अवशोषण

Answer in Brief
Advertisements

Solution

(i) रंगीन पदार्थ का अधिशोषण

(iv) विलायक का अवशोषण

स्पष्टीकरण -

एक ठोस या तरल के ढेर के बजाय सतह पर आणविक प्रजातियों के संचय को अधिशोषण कहा जाता है। जिस सतह पर अधिशोषण होता है उसे अधिशोषक कहते हैं। जो आणविक प्रजातियां अधिशोषित हो रही हैं, उन्हें अधिशोष्य कहा जाता है। जब एक चॉक स्टिक को स्याही में डुबाया जाता है, तो सतह रंगीन अणुओं के अधिशोषण के कारण स्याही के रंग को बनाये रखती है जबकि स्याही का विलायक अवशोषण के कारण स्टिक में गहराई तक चला जाता है।

shaalaa.com
अधिशोषण
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 5: पृष्ठ रसायन - अभ्यास [Page 72]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Chemistry [Hindi] Class 12
Chapter 5 पृष्ठ रसायन
अभ्यास | Q II. 37. | Page 72

RELATED QUESTIONS

ताप बढ़ने पर भौतिक अधिशोषण क्यों घटता है?


अपने क्रिस्टलीय रूपों की तुलना में चूर्णित पदार्थ अधिक प्रभावी अधिशोषक क्यों होते हैं?


किसी ठोस पर गैस के अधिशोषण को प्रभावित करने वाले कारक कौन-से हैं?


ठोसों द्वारा गैसों के अधिशोषण पर दाब एवं ताप के प्रभाव की विवेचना कीजिए।


विलयन में से अधिशोष्य के अधिशोषण की मात्रा बढती है ______।


निम्नलिखित अभिक्रियाओं में से किसमें विषमांगी उत्प्रेरण हो रहा है?

(क) \[\ce{2SO2(g) + O2 (g) ->[NO (g)] 2SO3 (g)}\]

(ख) \[\ce{2SO2 (g) ->[Pt (s)] 2SO3 (g)}\]

(ग) \[\ce{N2 (g) + 3H2 (g) ->[Fe(s)] 2NH3 (g)}\]

(घ) \[\ce{CH3COOCH3 (1) + H2O (l) ->[HCl (l)] CH3COOH (aq) + CH3OH (aq)}\]


निम्नलिखित में से कौन-सी परिघटनाएँ चित्र में दिखाए प्रक्रम पर लागू होती हैं?


ठोस उत्प्रेरक के लिए निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?

  1. वही अभिक्रियक दूसरा उत्प्रेरक उपयोग में लाने पर अलग उत्पाद दे सकते हैं।
  2. उत्प्रेरक अभिक्रिया का Δ H परिवर्तित नहीं करता।
  3. अभिक्रियाओं के उत्प्रेरण हेतु भारी मात्रा में उत्प्रेरक की आवश्यकता होती है।
  4. ठोस उत्प्रेरकों की उत्प्रेरण क्रिया रसोवशोषण की प्रबलता पर निर्भर नहीं होती।

आसानी से द्रवित हो जाने वाली गैसों की तुलना में H2 गैस सक्रियित चारकोल पर बहुत कम सीमा तक अधिशोषित होती है, जिसका कारण है-

  1. अति प्रबल वान्डरवाल्स अन्योन्यक्रिया
  2. अति दुर्बल वान्डरवाल्स बल
  3. अति निम्न क्रांतिक ताप
  4. अति उच्च क्रांतिक ताप

रसोवशोषण को सक्रियित अधिशोषण के रूप में क्यों जाना जाता है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×