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Question
जानकारी दीजिए :
रेडियो रूपक की विशेषताएँ-
Short/Brief Note
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Solution
रेडियो एक श्रव्य माध्यम है। रेडियो रूपक विधा का विकास नाटक से हुआ है। इसका मंचन अदृश्य होता है। इसका क्षेत्र अत्यंत विकसित है। दृश्य-अदृश्य जगत के किसी भी विषय, वस्तु या घटना पर रेडियो रूपक लिखा जा सकता है। यह ध्वनि और संगीत
का समन्वित रूप है। क्योंकि इसे केवल सुना जा सकता है। इसके प्रस्तुतीकरण का ढंग रोचक, सहज, प्रवाहमयी तथा संवादात्मक होता है।
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गद्य (Prose) (11th Standard)
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