Advertisements
Advertisements
Question
'इस विजन में ......... अधिक है'- पंक्तियों में नगरीय संस्कृति के प्रति कवि का क्या आक्रोश है और क्यों?
Advertisements
Solution
इन पंक्तियों के माध्यम से कवि ने नगर के मतलबी रिश्तों पर प्रहार करते हुए कहा है कि यहाँ शहर जैसा स्वार्थ नहीं है। यहाँ के लोगों के बीच एक दूसरे के प्रति सच्चा प्रेम है, सच्ची सहानुभूति है। गाँव से विपरीत शहर के लोगों में स्वार्थी प्रवृति अधिक देखने को मिलती है, यहाँ से मनुष्यों का आपसी प्रेम व्यवहार लुप्त होता जा रहा है। इसलिए कवि ने नगरीय संस्कृति के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
कवि ने सच्चे प्रेमी की क्या कसौटी बताई है?
इस संसार में सच्चा संत कौन कहलाता है?
'रस्सी' यहाँ किसके लिए प्रयुक्त हुआ है और वह कैसी है?
कवयित्री द्वारा मुक्ति के लिए किए जाने वाले प्रयास व्यर्थ क्यों हो रहे हैं?
'ज्ञानी' से कवयित्री का क्या अभिप्राय है?
कवयित्री ने अपने व्यर्थ हो रहे प्रयासों की तुलना किससे की है और क्यों?
काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
या मुरली मुरलीधर की अधरान धरी अधरा न धरौंगी।
कोयल की कूक सुनकर कवि की क्या प्रतिक्रिया थी?
अर्द्धरात्रि में कोयल की चीख से कवि को क्या अंदेशा है?
कवि को कोयल से ईर्ष्या क्यों हो रही है?
हथकड़ियों को गहना क्यों कहा गया है?
कवि को हिमकर किस तरह निराश कर चला गया?
ब्रिटिश राज का गहना किसे कहा गया है और क्यों? पठित पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
‘तो फिर बचा ही क्या है इस दुनिया में ऐसा प्रश्न कवि कब और क्यों करता है?
भाव स्पष्ट कीजिए -
हँसमुख हरियाली हिम-आतप
सुख से अलसाए-से सोए
प्रकृति सतत परिवर्तनशील है। ‘ग्राम श्री’ कविता में वर्णित आम, पीपल और ढाक के पेड़ों के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
कविता में आए मानवीकरण तथा रूपक अलंकार के उदाहरण खोजकर लिखिए।
कवि को दक्षिण दिशा पहचानने में कभी मुश्किल क्यों नहीं हुई?
कवि को ऐसा अनुभव क्यों हुआ कि उसकी माँ की ईश्वर से बातचीत होती रहती है? ‘यमराज की दिशा’ कविता के आधार पर लिखिए।
‘यमराज की दिशा’ कविता में कवि दक्षिण दिशा में दूर तक गया फिर भी वह यमराज का घर क्यों नहीं देख पाया?
