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इस पाठ में जो ग्राम्य संस्कृति की झलक मिलती है वह आपके आसपास के वातावरण से कैसे भिन्न है?

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Question

इस पाठ में जो ग्राम्य संस्कृति की झलक मिलती है वह आपके आसपास के वातावरण से कैसे भिन्न है?

Activity
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Solution

हम शहरी परिवेश में रहते हैं, जहाँ का जीवन ग्रामीण जीवन से बिल्कुल अलग है। गाँवों की संस्कृति और शहरों की संस्कृति में बहुत बड़ा अंतर दिखाई देता है। पाठ में वर्णित ग्रामीण जीवन के अनेक दृश्य शहरों में देखने को नहीं मिलते। यहाँ न खेत-खलिहान हैं, न खेती-बाड़ी की गतिविधियाँ। आषाढ़ की फुहारों में खेतों में खेलते बच्चों का उल्लास, हल चलाते किसान और उनके लिए भोजन लेकर मेड़ पर प्रतीक्षा करती स्त्रियाँ जैसे दृश्य शहरों में दुर्लभ हैं। बालगोबिन भगत जैसे लोकचरित्र भी यहाँ नहीं मिलते, जो अपने मधुर गीतों से वातावरण को जीवंत बना दें। इसके विपरीत, शहरों में लोग अपनी आवश्यकताओं और स्वार्थों की पूर्ति के लिए निरंतर भागदौड़ में लगे रहते हैं। यहाँ चारों ओर वाहनों का शोर, प्रदूषित वातावरण और भीड़भाड़ का माहौल रहता है। स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और संतुलित खान-पान का अभाव भी देखने में मिलता है। इस प्रकार, शहरी जीवनशैली ग्रामीण जीवनशैली से पूरी तरह भिन्न है।

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Chapter 11: रामवृक्ष बेनीपुरी - बालगोबिन भगत - प्रश्न-अभ्यास [Page 59]

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NCERT Hindi Kshitij Bhag 2 [English] Class 10
Chapter 11 रामवृक्ष बेनीपुरी - बालगोबिन भगत
प्रश्न-अभ्यास | Q 2. | Page 59
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