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Question
इस पाठ को एक बार फिर से पढ़िए और अपने समूह में मिलकर इस पाठ की अन्य विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
Very Long Answer
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Solution
- बीमार व्यक्ति की देखभाल हेतु समय निकालना, मिलने जाते समय कुछ पसंदीदा उपयुक्त चीज़ ले जाना, संबंधी प्रसंग बच्चों के लिए प्रेरणादायी हैं।
- बच्चे का झुंझलाहट युक्त कथन उसकी मानसिक स्थिति को, घर के वातावरण को चित्रित करने में सहायक हैं, यथा – ” वे खाना खा रहे हैं। चबाने की आवाजें आ रही हैं। देखो! उन्होंने एक बार भी आकर नहीं पूछा कि तू क्या खाएगा? पूछते तो मैं साबूदाने की खीर ही तो माँगता। कोई ताजमहल तो नहीं माँग लेता। लेकिन नहीं। भूखे रहो!! इससे सारे विकार निकल जाएँगे ।
- पाठ को पढ़कर अस्पताल के शांत, स्वच्छ वातावरण और कर्मचारियों के प्रति एक सकारात्मक छवि उभरती है।
- पहली बार अस्पताल जाने, वहाँ के दृश्य देखकर सहज-कौतूहल उत्पन्न होने, अनेक प्रश्न मन में उठने; जैसे अनेक स्वाभाविक दृश्य कहानी की गत्यात्मकता बनाए रहते हैं।
- बाल-सुलभ चंचलता युक्त कहानी के दृश्य एवं गतिविधियाँ अत्यंत रोचक विशिष्टताएँ लिए हुए हैं।
- बच्चे की बाल-सुलभ उलझनें जबरदस्ती लेटने का बँधन, स्कूल की दिनचर्या को याद करना, अपने बहाने पर प्रायश्चित आदि कहानी के रोचक तथ्य हैं।
- छोटे बच्चों के भोले विचारों का मनोविज्ञान जानकर मन में हास्य का भाव आता है कि बच्चा बीमारी से होने वाले कष्टों को न समझकर मात्र साबूदाने की खीर खाने की इच्छा होने के कारण स्वयं बीमार होने की कामना कर रहा है। उदाहरण – ‘क्या ठाठ हैं बीमारी के भी। मैंने सोचा ठाठ से साफ-सुथरे बिस्तर पर लेटे रहो और साबूदाने की खीर खाते रहो। काश ! सुधाकर काका की जगह मैं होता! मैं कब बीमार पहूँगा ।
- सहज, सरल भाषा-शैली युक्त संपूर्ण कहानी बच्चों का मनोरंजन करने के साथ सबक भी देती प्रतीत होती है।
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