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इस कविता के माध्यम से प्रसाद जी के व्यक्तित्व की जो झलक मिलती है, उसे अपने शब्दों में लिखिए। - Hindi Course - A

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Question

इस कविता के माध्यम से प्रसाद जी के व्यक्तित्व की जो झलक मिलती है, उसे अपने शब्दों में लिखिए।

Very Long Answer
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Solution

इस कविता में जयशंकर प्रसाद जी के व्यक्तित्व की जो झलक मिलती है, वह अत्यंत संवेदनशील, आत्मिक रूप से कोमल और गहराई से भावुक मन वाले व्यक्ति की है। वे अपने जीवन के अनुभवों को बहुत सूक्ष्मता से देखते हैं और हर छोटी बात में भी गहरा भाव खोज लेते हैं। कविता से पता चलता है कि प्रसाद जी का हृदय सीधा-सादा, दयालु और निश्छल था।

वे अपने अतीत को स्मरण करते हुए कभी दुखी होते हैं, कभी स्वयं को समझाने का प्रयास करते हैं। उनके भीतर एक ऐसा संवेदनशील मन था जो दूसरों के सुख-दुख को महसूस कर सकता था। कठिनाइयों के बावजूद वे जीवन से प्रेम करते थे और उसे सुंदर रूप में देखने की इच्छा रखते थे।

कविता में बार-बार यह अहसास होता है कि प्रसाद जी के मन में गहन करुणा, सौम्यता और आत्मवीक्षण (अपने भीतर झाँकने की शक्ति) थी। वे मानवीय भावनाओं को बड़ी सरलता और सत्यता से व्यक्त करते हैं।

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जयशंकर प्रसाद
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