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इनमें विभेद करें – प्राँकुर चोल तथा मूलाँकुर चोल - Biology (जीव विज्ञान)

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Question

इनमें विभेद करें –

प्राँकुर चोल तथा मूलाँकुर चोल

Distinguish Between
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Solution

  प्राँकुर चोल मूलाँकुर चोल
1. बीजपत्रोपरिक में प्ररोह शीर्ष तथा कुछ आदि कालिक (आद्य) पर्ण होते हैं, जो एक खोखला-पणीर्य संरचना को घेरते हैं, जिसे प्राँकुर चोल कहते हैं। मूल आवरण एक बिना विभेदित पर्त से आवृत्त होता है। जिसे (कोलियोराइजा) मूलाँकुर चोल कहते हैं।
2. प्राँकुर चोल में प्रथम पत्ती के उद्भव के लिए एक अंतिम छिद्र होता है। मूलाँकुर चोल एक ठोस संरचना है।
3. यह मिट्टी से बाहर निकलने के दौरान स्तंभ सिरे की रक्षा करता है। यह मिट्टी में प्रवेश के दौरान मूलाँकुर की सुरक्षा नहीं करता है।
4. यह अनाज से कहीं अधिक बढ़ता है। दाने से निकलने के बाद इसकी वृद्धि रुक ​​जाती है।
5. प्राँकुर चोल, अंकुरण के दौरान मिट्टी से बाहर आने के बाद हरा हो जाता है और प्रकाश संश्लेषण करता है। मूलाँकुर चोल मिट्टी से बाहर नहीं निकलता है। यह हरा नहीं रहता है।
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निषेचन - पश्च संरचनाएँ एवं घटनाएँ
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Chapter 1: पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन - अभ्यास [Page 27]

APPEARS IN

NCERT Jeev Vigyan [Hindi] Class 12
Chapter 1 पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन
अभ्यास | Q 13. (b) | Page 27
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