English

ह्रास सीमांत उपयोगिता के नियम की मान्यताएँ लिखिए।

Advertisements
Advertisements

Question

ह्रास सीमांत उपयोगिता के नियम की मान्यताएँ लिखिए।

Very Long Answer
Advertisements

Solution

नियम का कथन: प्रो. अल्फ्रेड मार्शल के अनुसार, “अन्य बातें समान रहने पर, किसी व्यक्ति को किसी वस्तु के स्टॉक में एक निश्चित वृद्धि से जो अतिरिक्त लाभ (उपयोगिता) प्राप्त होता है, वह उसके पास पहले से मौजूद स्टॉक में प्रत्येक वृद्धि के साथ घटता जाता है।”

दूसरे शब्दों में, कोई भी उपभोक्ता किसी विशेष वस्तु की लगातार इकाइयों से जो सीमांत उपयोगिता प्राप्त करता है, वह उस वस्तु के कुल उपभोग में वृद्धि के साथ-साथ घटती जाती है। संक्षेप में, आपके पास कोई वस्तु जितनी अधिक मात्रा में होगी, उसे और अधिक पाने की आपकी इच्छा उतनी ही कम होती जाएगी।

ह्रास सीमांत उपयोगिता के नियम की मान्यताएँ निम्नलिखित हैं:

  1. विवेकशीलता (Rationality): उपभोक्ता को एक विवेकशील व्यक्ति माना जाता है। इसका अर्थ है कि उसका व्यवहार सामान्य है और वह अपनी संतुष्टि को अधिकतम करने का प्रयास करता है।
  2. गणनावाचक माप (Cardinal Measurement): यह नियम मानता है कि उपयोगिता को संख्याओं के रूप में मापा जा सकती है। इसलिए, गणितीय गणनाओं द्वारा वस्तु की प्रत्येक इकाई से मिलने वाली उपयोगिता को जानना और उसकी तुलना करना आसान हो जाता है।
  3. समरूपता (Homogeneity): उपभोग की जाने वाली वस्तु की सभी इकाइयाँ आकार, रूप, रंग, स्वाद आदि में बिल्कुल एक जैसी (समरूप) होती हैं।
  4. निरंतरता (Continuity): वस्तु की सभी इकाइयों का उपभोग बिना किसी समय के अंतराल के, लगातार एक के बाद एक किया जाता है।
  5. उचित आकार (Reasonability): उपभोग की जाने वाली वस्तु की सभी इकाइयाँ उचित आकार की होती हैं। वे न तो बहुत बड़ी होती हैं और न ही बहुत छोटी (जैसे: चम्मच के बजाय ग्लास से पानी पीना)।
  6. स्थिरता (Constancy): उपभोक्ता से जुड़े सभी कारक जैसे कि आय, स्वाद, आदतें, पसंद और नापसंद स्थिर रहने चाहिए। इसके साथ ही, मुद्रा (पैसे) की सीमांत उपयोगिता को भी स्थिर माना जाता है।
  7. विभाज्यता (Divisibility): यह नियम मानता है कि उपभोग की जाने वाली वस्तु विभाज्य (छोटे टुकड़ों में बांटी जाने वाली) है, ताकि उसे छोटी मात्रा में खरीदा या प्राप्त किया जा सके।
  8. एकल आवश्यकता (Single Want): वस्तु ऐसी होती है जो व्यक्ति की केवल एक ही आवश्यकता को पूरा कर सकती है। यह नियम यह मानकर चलता है कि समय के एक निश्चित बिंदु पर वह एक आवश्यकता पूरी तरह से संतुष्ट की जा सकती है।
shaalaa.com
  Is there an error in this question or solution?

APPEARS IN

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×