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हाँ जब बजती नहीं, दौड़कर तनिक पूँछ धरता हूँ। पूँछ धरता हूँ का मतलब है पूँछ पकड़ लेता हूँ। नीचे लिखे वाक्य को अपने शब्दों में लिखो। बैल हमारा नहीं अभी तक मंतिख पढ़ पाया है। - Hindi (हिंदी)

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Question

हाँ जब बजती नहीं, दौड़कर तनिक पूँछ धरता हूँ।

पूँछ धरता हूँ का मतलब है पूँछ पकड़ लेता हूँ

नीचे लिखे वाक्य को अपने शब्दों में लिखो।

बैल हमारा नहीं अभी तक मंतिख पढ़ पाया है।

One Line Answer
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Solution

हमारा बैल अभीतक तर्कशास्त्र नहीं पढ़ा है।

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पढ़क्कू की सूझ
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Chapter 11: पढ़क्कू की सूझ - पढ़क्कू की सूझ [Page 95]

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NCERT Hindi - Rimjhim Class 4
Chapter 11 पढ़क्कू की सूझ
पढ़क्कू की सूझ | Q (ख) | Page 95

RELATED QUESTIONS

‘पढ़क्कू की सूझ’ कविता में एक कहानी कही गई है। इस कहानी को तुम अपने शब्दों में लिखो।


तीसरी कक्षा में तुमने रामधारी सिंह दिनकर की कविता ‘मिर्च का मज़ा’ पढ़ी थी। अब तुमने उन्हीं की कविता ‘पढ़क्कू की सूझ’ पढ़ी।

दोनों में से कौन-सी कविता पढ़कर तुम्हें ज्यादा मज़ा आया?

(चाहो तो तीसरी की किताब फिर से देख सकते हो।)


तुम्हें काबुली वाला ज्यादा अच्छा लगा या पढ़क्कू? या कोई भी अच्छा नहीं लगा?


अपने साथियों के साथ मिलकर एक-एक कविता ढूँढो। कविताएँ इकट्ठा करके कविता की एक किताब बनाओ।


कोल्हू का बैल ऐसे व्यक्ति को कहते हैं जो कड़ी मेहनत करता है या जिससे कड़ी मेहनत करवाई जाती है।

मेहनत और कोशिश से जुड़ा कुछ और मुहावरा नीचे लिखा हैं। इसका वाक्य में इस्तेमाल करो।

पसीना बहाना


कोल्हू का बैल ऐसे व्यक्ति को कहते हैं जो कड़ी मेहनत करता है या जिससे कड़ी मेहनत करवाई जाती है।

मेहनत और कोशिश से जुड़ा कुछ और मुहावरा नीचे लिखा हैं। इसका वाक्य में इस्तेमाल करो।

एड़ी-चोटी का जोर लगाना


पढ़क्कू का नाम पढ़क्कू क्यों पड़ा होगा?


तुम कौन-सा काम खूब मन से करना चाहते हो? उसके आधार पर अपने लिए भी पढ़क्कू जैसा कोई शब्द सोचो।


हाँ जब बजती नहीं, दौड़कर तनिक पूँछ धरता हूँ।

पूँछ धरता हूँ का मतलब है पूँछ पकड़ लेता हूँ

नीचे लिखे वाक्य को अपने शब्दों में लिखो।

मगर बूंद भर तेल साँझ तक भी क्या तुम पाओगे?


हाँ जब बजती नहीं, दौड़कर तनिक पूँछ धरता हूँ।

पूँछ धरता हूँ का मतलब है पूँछ पकड़ लेता हूँ

नीचे लिखे वाक्य को अपने शब्दों में लिखो।

सिखा बैल को रखा इसने निश्चय कोई ढब है।


हाँ जब बजती नहीं, दौड़कर तनिक पूँछ धरता हूँ।

पूँछ धरता हूँ का मतलब है पूँछ पकड़ लेता हूँ

नीचे लिखे वाक्य को अपने शब्दों में लिखो।

जहाँ न कोई बात, वहाँ भी नई बात गढ़ते थे।


नीचे दिए गए शब्दों के अर्थ अक्षरजाल में खोजो-

ढब, भेद, गजब, मंतिख, छल

 

र्क शा स्त्र म्र
रा
जू री मा धो
रा का खा
धो

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