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'ग्रह - तारे - नक्षत्र' का मानवीय जीवन पर प्रभाव पड़ता है, क्या ऐसा कहना योग्य हैं? क्यों? - General Science [सामान्य विज्ञान]

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Question

'ग्रह - तारे - नक्षत्र' का मानवीय जीवन पर प्रभाव पड़ता है, क्या ऐसा कहना योग्य हैं? क्यों?

Very Long Answer
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Solution

हाँ, ऐसा कहना कुछ हद तक योग्य है, लेकिन यह दो दृष्टिकोणों पर निर्भर करता है — वैज्ञानिक और सांस्कृतिक/धार्मिक। 

  1. वैज्ञानिक दृष्टिकोण से: 
    • ग्रह और सूर्य का प्रभाव: सूर्य की स्थिति और उसकी गति ऋतुओं को प्रभावित करती है, जिससे कृषि, जलवायु और जीवनचर्या प्रभावित होती है। जैसे – सूर्य के उत्तरायण और दक्षिणायन होने से दिन-रात की लंबाई बदलती है।
    • चंद्रमा का प्रभाव: समुद्र में ज्वार-भाटा चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति से आता है, जो मत्स्य पालन और समुद्री जीवन को प्रभावित करता है।
    • नक्षत्र और समय निर्धारण: प्राचीन काल से किसान नक्षत्रों को देखकर वर्षा की भविष्यवाणी करते आए हैं। मृगशिरा, पुनर्वसु आदि नक्षत्रों के आधार पर खेती का समय तय किया जाता है।
  2. सांस्कृतिक/धार्मिक दृष्टिकोण से: 
    • ज्योतिष शास्त्र: भारतीय संस्कृति में ग्रहों और नक्षत्रों का सीधा संबंध जीवन की घटनाओं से माना जाता है, जैसे विवाह, संतान, रोग, व्यापार आदि।
    • पर्व-त्योहारों की तिथि निर्धारण: ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर ही व्रत, त्योहार, एकादशी, अमावस्या आदि की तिथियाँ तय होती हैं।
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Chapter 20: तारों की दुनिया में - स्वाध्याय [Page 112]

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Balbharati Samanya Vidnyan Ekatmik [Hindi] Standard 7 Maharashtra State Board
Chapter 20 तारों की दुनिया में
स्वाध्याय | Q 4. इ. | Page 112
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