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एक वस्तु की बाजार कीमत 5 ₹ से बदलकर 20 ₹ हो जाती है। फलस्वरूप फर्म पूर्ति की मात्रा 15 इकाई बढ़ जाती है। फर्म के पूर्ति वक्र की कीमत लोच 0.5 है। फर्म का आरंभिक तथा अंतिम निर्गत स्तर ज्ञात करें।

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Question

एक वस्तु की बाजार कीमत 5 ₹ से बदलकर 20 ₹ हो जाती है। फलस्वरूप फर्म पूर्ति की मात्रा 15 इकाई बढ़ जाती है। फर्म के पूर्ति वक्र की कीमत लोच 0.5 है। फर्म का आरंभिक तथा अंतिम निर्गत स्तर ज्ञात करें।

Sum
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Solution

Esp = `P/Q xx (ΔQ)/(ΔP)`

Esp = 0.5, P = 5, ΔP = 15, ΔQ 15, Q= ?

सूत्र में डालने पर 0.5 = `5/"Q" xx 15/15` 

Q = `5/0.5`, Q = 10

प्रारंभिक निर्गत स्तर = 10 इकाई

अंतिम निर्गत स्तर = Q + ΔQ = 10 + 15 = 25 इकाई

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एक फर्म का पूर्ति वक्र
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Chapter 4: पूर्ण प्रतिस्पर्धा की स्तिथि में फर्म का सिद्धांत - अभ्यास [Page 80]

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NCERT Vyashti Arthashastra Ek Parichay [Hindi] Class 11
Chapter 4 पूर्ण प्रतिस्पर्धा की स्तिथि में फर्म का सिद्धांत
अभ्यास | Q 26. | Page 80

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कीमत (रु) SS1 (किलो) SS2 (किलो)
0 0 0
1 0 0
2 0 0
3 1 0
4 2 0.5
5 3 1
6 4 1.5
7 5 2
8 6 2.5

10 ₹ प्रति इकाई बाजार कीमत पर एक फर्म की संप्राप्ति 50 ₹ है। बाजार कीमत बढ़कर 15 ₹ हो जाती है और अब फर्म को 150 ₹ की संप्राप्ति होती है। पूर्ति वक्र की कीमत लोच क्या है?


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