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Question
एक परखनली में एकत्रित गैस की मात्रा दूसरी से दोगुनी क्यों है? उस गैस का नाम बताइए।
- एक प्लास्टिक का मग लीजिए। इसकी तली में दो छिद्र करके उनमें रबड़ का डाट लगा दीजिए। इन छिद्रों में कार्बन इलेक्ट्रोड डाल दीजिए जैसा कि चित्र में दिखाया गया है।
- इन इलेक्ट्रोडों को वोल्ट की बैटरी से जोड़ दीजिए।
- मग में इतना जल डालिए कि इलेक्ट्रोड उसमें डूब जाए। जल में तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल की कुछ बूँदें डाल दीजिए।
- जल से भरी दो अंशांकित परखनलियों को दोनों कार्बन इलेक्ट्रोडों के ऊपर उलटा करके रख दीजिए
- अब विद्युत धारा प्रवाहित करके इन उपकरण को थोड़ी देर के लिए छोड़ दिजीए।
- दोनों इलेक्ट्रोडों पर आप बुलबुले बनते हुए देखेंगे ये बुलबुले अंशांकित नली से जल को विस्थापित क्र देते हैं।
- क्या दोनों परखनलियों में एकत्रित गैस का आयतन समान है?
- जब दोनों परखनलियों गैस से भर जाएँ तब उन्हें सावधानीपूर्वक हटा लीजिए।
- एक जलती हुई मोमबत्ती को दोनों परखनलियों के मुँह के ऊपर लाकर इन गैसों की जाँच कीजिए।
सावधानी: इन चरण को शिक्षित द्वारा सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए।
- दोनों स्थितियों में क्या होता है?
- दोनों परखनलियों में कौन सी गैस उपस्थित है?

Answer in Brief
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Solution
जल में दो भाग हाइड्रोजन और एक भाग ऑक्सीजन होता है। इसलिए जल के विद्युत अपघटन के दौरान उत्पादित हायड्रोजन और ऑक्सीजन की मात्रा 2 : 1 के अनुपात में है। विद्युत अपघटन की प्रक्रिया में हाइड्रोजन एक परखनली मे जाती है और ऑक्सीजन दूसरे में जाती है। इसलिए परखनली मे एकत्रित हाइड्रोजन गैस की मात्रा ऑक्सीजन से दोगुनी है।
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रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार - अपघटन (विच्छेदन) अभिक्रिया
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